तेजतर्रार पुलिसिंग का असर: थानाध्यक्ष रोहित कुमार की सक्रियता से 25 वर्षों बाद दबोचा गया 50 हजार का इनामी लुटेरा - समाचार RIGHT

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मंगलवार, 2 जून 2026

तेजतर्रार पुलिसिंग का असर: थानाध्यक्ष रोहित कुमार की सक्रियता से 25 वर्षों बाद दबोचा गया 50 हजार का इनामी लुटेरा

तेजतर्रार पुलिसिंग का असर: थानाध्यक्ष रोहित कुमार की सक्रियता से 25 वर्षों बाद दबोचा गया 50 हजार का इनामी लुटेरा

आगरा:-कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने 25 वर्षों से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी सैमुअल उर्फ सहदेव उर्फ अमित पुत्र डेनियल को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 2002 में थाना लोहमंडी में दर्ज लूट के मुकदमे में वांछित चल रहा आरोपी लगातार अपनी पहचान बदलकर पुलिस को चकमा देता रहा,लेकिन आखिरकार पुलिस की सटीक रणनीति,तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयासों के चलते वह कानून के शिकंजे में आ गया।

पुलिस के अनुसार थाना लोहमंडी में पंजीकृत मुकदमा संख्या 339/2002 धारा 392 भादवि में आरोपी पिछले 25 वर्षों से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देश पर गठित विशेष टीमों द्वारा लंबे समय से आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में 1 जून 2026 को पुलिस टीम ने दिल्ली के नांगलोई थाना क्षेत्र स्थित प्रेमनगर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में सामने आया कि आरोपी सैमुअल उर्फ सहदेव उर्फ अमित वर्षों से अलग-अलग स्थानों पर अपनी पहचान छिपाकर और नाम बदल-बदलकर रह रहा था। पुलिस अब उसके अन्य आपराधिक इतिहास और फरारी के दौरान उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटा रही है।

इस मामले में आरोपी के दो अन्य साथी दीपक शाही उर्फ सोनू और अमित उर्फ मोनू को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा न्यायालय द्वारा उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है। जबकि मुख्य आरोपी सैमुअल लगातार फरार चल रहा था।

इस बड़ी सफलता के पीछे थाना नाई की मंडी के थानाध्यक्ष रोहित कुमार की सक्रिय भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अपनी तेजतर्रार कार्यशैली, अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और जटिल मामलों के सफल खुलासों के लिए पहचाने जाने वाले रोहित कुमार लगातार वांछित अपराधियों की धरपकड़ के अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करते रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार अपराधियों से संबंधित सूचनाओं के संकलन, उनकी गतिविधियों पर निगरानी और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय स्थापित करने में उनकी भूमिका अहम रही। इसी प्रभावी पुलिसिंग का परिणाम रहा कि 25 वर्षों से फरार आरोपी आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

पुलिस विभाग में रोहित कुमार को एक कर्मठ, जुझारू और परिणामोन्मुख अधिकारी के रूप में देखा जाता है। उनके नेतृत्व में पूर्व में भी कई चर्चित मामलों का सफल खुलासा हो चुका है तथा अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की गई है। इस गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, आधुनिक तकनीक और सतत पुलिसिंग के बल पर वर्षों पुराने मामलों का भी सफल निस्तारण संभव है।

इस कार्रवाई में सहायक पुलिस आयुक्त लोहमंडी गौरव सिंह, प्रभारी निरीक्षक लोहमंडी इंद्रजीत सिंह,थानाध्यक्ष नाई की मंडी रोहित कुमार मय टीम,उपनिरीक्षक अभिषेक तिवारी (प्रभारी सर्विलांस सेल),उपनिरीक्षक सोहनपाल सिंह (प्रभारी एसओजी) तथा उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह (प्रभारी टेक्निकल सेल) सहित समस्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम की इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस उपायुक्त नगर आगरा द्वारा 10 हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की गई है।

यह गिरफ्तारी न केवल आगरा पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून से बचने की कोशिश कितनी भी लंबी क्यों न हो, अपराधी अंततः कानून के शिकंजे में आ ही जाता है।

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