आलू के गिरते दामों पर फूटा किसानों का गुस्सा, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र सिंह की गाड़ी के आगे बैठकर किया विरोध
आगरा। आलू के लगातार गिरते भाव और खेती से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर किसानों का आक्रोश शुक्रवार को उस समय खुलकर सामने आया, जब जनपद प्रभारी मंत्री एवं एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र सिंह के कार्यक्रम से लौटते समय किसानों के एक दल ने उनकी गाड़ी के आगे बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।
कृषि विज्ञान केंद्र में प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित कार्यशाला में शामिल होने आए प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसानों ने अपनी नाराजगी जताते हुए गाड़ी के आगे धरना दे दिया। करीब पांच मिनट तक किसान वाहन के सामने बैठे रहे, जिससे मौके पर हलचल मच गई।
सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया भी मौके पर पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने कहा कि आलू के बाजार भाव लगातार गिर रहे हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा, जिसके कारण किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
किसानों ने सरकार से आलू के लिए लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने, भंडारण और विपणन की बेहतर व्यवस्था करने तथा कृषि लागत कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। किसानों का कहना था कि मौजूदा परिस्थितियों में आलू उत्पादकों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशांत पौनिया ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं से सरकार और संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा तथा समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और गाड़ी के आगे से हट गए।
विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से चौधरी पुष्पेंद्र सिंह, सोमवीर यादव, भूपेंद्र सिंह सोलंकी, मुकेश पाठक, हम्बीर सिंह, राजेंद्र सिंह और श्यान चाहर सहित कई किसान मौजूद रहे। किसानों के इस विरोध ने एक बार फिर आलू उत्पादक किसानों की बदहाल स्थिति और कृषि उपज के उचित मूल्य के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।