आगरा में गरजे सचिन पायलट, राम मंदिर चढ़ावा मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
आगरा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने शनिवार को आगरा में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरे मामले में पारदर्शिता बरतने के बजाय जवाब देने से बच रही है। पायलट ने मांग की कि मामले की जांच सर्वोच्च न्यायालय के किसी वर्तमान या पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आ सके।
उन्होंने कहा कि यदि चढ़ावे और मंदिर प्रबंधन से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी पूरी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए। उनके अनुसार, निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ियों के लिए कौन जिम्मेदार है और किस स्तर पर लापरवाही या अनियमितता हुई।
प्रेस वार्ता के दौरान मंच के पीछे लगा एक पोस्टर भी चर्चा का विषय बना रहा। पोस्टर में भगवान श्रीराम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उंगली पकड़कर राम मंदिर की ओर जाते हुए दर्शाया गया था। पोस्टर में भगवान श्रीराम की आकृति प्रधानमंत्री की तुलना में छोटी दिखाई गई, जिसे लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई। हालांकि, सचिन पायलट ने अपने संबोधन में पोस्टर पर कोई टिप्पणी नहीं की और अपना पूरा ध्यान प्रेस वार्ता के मुख्य मुद्दों पर केंद्रित रखा।
सचिन पायलट ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और कथित अनियमितताओं को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब सरकार को देश की जनता के सामने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सवाल पूछना केवल विपक्ष का अधिकार नहीं, बल्कि लोकतंत्र में हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। सरकार को तथ्यों के साथ सामने आकर लोगों की शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि बड़े मामलों में सरकार अक्सर जांच समितियों का गठन कर समय निकालने का प्रयास करती है, जबकि जनता निष्पक्ष और प्रभावी जांच चाहती है। पायलट ने कहा कि केवल औपचारिक जांच से लोगों का विश्वास बहाल नहीं होगा, बल्कि पूरी पारदर्शिता के साथ वास्तविक तथ्यों को सामने लाना आवश्यक है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला केवल आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ है। देशभर से श्रद्धालु भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा भाव से मंदिर में दान और चढ़ावा अर्पित करते हैं। यदि किसी स्तर पर इस आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।
भाजपा की ओर से लगाए जा रहे राजनीतिक आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सचिन पायलट ने कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक लाभ-हानि के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं और सार्वजनिक विश्वास से जुड़ा विषय है। लोकतंत्र में जवाबदेही सर्वोपरि है और सरकार का दायित्व है कि वह जनता के सामने तथ्य रखे तथा सभी सवालों का पारदर्शी ढंग से उत्तर दे।