सुभाष बाजार हादसे का CCTV आया सामने, 72 घंटे बाद भी गंगा देवी का सुराग नहीं; नालों पर बने अवैध निर्माणों पर निगम का शिकंजा
आगरा। थाना मंटोला क्षेत्र के सुभाष बाजार में हुए दर्दनाक हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि 60 वर्षीय गंगा देवी दुकान के बाहर बंद शटर के पास बैठी थीं। तभी अचानक नाले के ऊपर बनी दो मंजिला दुकान भरभराकर ढह गई और वह मलबे के साथ सीधे नाले में समा गईं। हादसे के 72 घंटे बीत जाने के बावजूद गंगा देवी का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। राहत एवं बचाव दल लगातार उनकी तलाश में जुटा हुआ है।
घटना के बाद से पुलिस, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ और पीएसी की संयुक्त टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं। तीसरे दिन भी जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी रहा। साथ ही नाले के भीतर भी लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक गुमशुदा महिला का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रहेगा।
बताया जा रहा है कि लगातार हो रही बारिश के कारण नाले के ऊपर बना निर्माण कमजोर हो गया था। हादसे के समय गंगा देवी दुकान के बाहर बैठी थीं। अचानक पूरी दुकान नाले में समा गई और वह भी मलबे के साथ बह गईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम भी पूरी तरह हरकत में आ गया है। निगम प्रशासन ने शहर में नालों के ऊपर बने अवैध निर्माणों और जर्जर भवनों के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू करते हुए 40 भवन स्वामियों और किरायेदारों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें सबसे अधिक प्रतिष्ठान हींग की मंडी क्षेत्र के बताए गए हैं, जहां बड़ी संख्या में दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान नालों के ऊपर बने हुए हैं।
नगर निगम ने संबंधित भवन स्वामियों को तत्काल भवनों की मरम्मत कराने, खतरनाक हिस्सों को हटाने और नालों पर हुए अतिक्रमण को समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने पर निगम स्वयं अवैध निर्माणों को ध्वस्त करेगा और उसका पूरा खर्च संबंधित भवन मालिकों से वसूला जाएगा।
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि नगर निगम की टीमें लगातार जर्जर भवनों और अवैध निर्माणों की निगरानी कर रही हैं। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि यदि उनके आसपास कोई भवन जर्जर अवस्था में है या नाले पर अवैध निर्माण किया गया है तो इसकी सूचना तुरंत नगर निगम को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।
नगर निगम के निर्माण विभाग ने उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम, 1959 की धारा 331(1) के तहत लोहामंडी, हरीपर्वत, छत्ता और ताजगंज जोन में स्थित जर्जर भवनों और नालों पर बने कई प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए हैं। हींग की मंडी स्थित जगदीश डेयरी, प्रिंस ट्रेडर्स, पूजा डेयरी, जैन फुटवियर, सनराइज फुटवियर, ओम ट्रेडर्स सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों को भी नोटिस भेजे गए हैं।
उधर, प्रभावित कारोबारियों और नगर निगम अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नालों के ऊपर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे सभी निर्माणों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए।
सुभाष बाजार का यह हादसा शहर में नालों के ऊपर बने अवैध निर्माणों और जर्जर भवनों की गंभीर समस्या को उजागर कर गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच ऐसे निर्माण आम नागरिकों की जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। अब सभी की निगाहें रेस्क्यू अभियान और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।