एक ऋषि की कुटिया जहा पलता है समाजवाद........
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला धर्मापुर ब्लॉक के छोटे सा गाव मोहद्दीनपुर है जहा एक समान्य परिवार का एक लड़का है जिसका नाम ऋषि यादव है जो शिराजे हिन्द की सरजमी से निकलकर पूरे प्रदेश नही बल्कि भारत के हर राज्यो में चर्चा का विषय बना हुआ है....
जब भारत कोरोना नामक महामारी मे जूझ रहा था लोग परेशान थे सरकार ने भी हाथ खड़ा कर दिया था गरीब असहाहो का कोई सहारा ना था लोग तड़प रहे थे उस समय वह लड़का ऋषि यादव को यह सब देखा नही गया उससे मन में एक विचार उठा उसने सोचा इन गरीब असहाहो की छोटे छोटे बच्चो की मदद कैसे की जय उसने बिना कुछ सोचे समझे उस भयन्कर कोरोना जैसे महामारी मे जब लोग एक दूसरे से मिलना नही चहाते थे अपने घरों के बाहर नही निकलते थे तब उसने बिना अपनी जान की परवाह किये बिना लोगो की मदद के लिए सड़क पर बाहर आया उसने साइकिल और बल्टा उठाया दूध भरा बल्टा लेकर निकल गया गाव गाव उसका लक्ष्य था कोई बच्चा भूखे ना रोये कोई परिवार बिना खाये ना सोये फिर वह रोज़ लोगो की मदद मे निकल देता था लगभग यहा सिलसिला 1 महीने चला सुबह होती जैसे वह लोगो की मदद के लिए निकल जाता था...... फिर उनकी माता व पिता जी ने कहा ऋषि तु लोगो की मदद करने के लिए सुबह की निकल जाता है और देर रात तक लोगो की मदद करता है तब भी कुछ लोग रह जाते है उसने कहा पिताजी एक दिन मे कहा कहा तक जाऊ जितना होता है उतने लोगो का मदद करता हूँ तब माता जी बोली अगर तुम एक जगह रह कर लोगो की मदद कर ऋषि बोले कैसे माताजी पिताजी बोले कही खाली जगह देख लो वही सबको बुला लिया कर लोग टाइम से आ भी जायेंगे और जो लोग छुट जाते थे ओ भी आ जायेंगे फिर ऋषि के मन मे एक विचार आया...उन्होंने अपने ही खेत मे कच्ची फसल काट के 04/04/2020 एक कुटिया खोली जिसका नाम रखा समाजवादी कुटिया तब वहा लोगो की भीड़ आने लगी सबकी मदद चालू हो गयी... यही छोटे छोटे बच्चे जहा उनको शिक्षा की जरूरत थी परन्तु स्कूल कालेज सब बन्द थे तब ऋषि ने फैसला लिया क्यु न इन सब बच्चों को पढ़ाया जाय... उसने अगले दिन से शिक्षा चालू कर दी देखते देखते एक सप्ताह के अंदर 350/400 बच्चे आने लगे रोज उन बच्चों को खाने व पौष्टिक आहार मिलता है धीरे धीरे कुटिया एक बीघा मे हो गयी... उसी विच एक गजना बाजार में रहने वाला दिव्यांग परिवार आया जिसके पास खाने के लिए कुछ नहीं था ऋषि यादव ने उस परिवार को गोद ले लिया उसी तरह पाच और परिवार को गोद लिया जिनके पास खाने को कुछ नहीं थे और उन परिवार की आज तक मदद करते हैं ऋषि यादव इस कुटिया की प्रसंन्सा सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी कर चुके है और कुटिया के बच्चों से वीडियो काल पर बात भी किये है और समाजवादी पार्टी के बड़े बड़े नेता आते हैं कुटिया देखने धन्य हैं ऐसी मा जिसने ऋषि यादव के जैसो को जन्म दिया है.... आज भी कुटिया की चर्चा भारत के कई राज्यो मे चलती है............