मातृत्व दिवस पर विशेष -
समाजसेवी बोले - "माँ का महत्व कभी कम हो नहीं सकता, माँ जैसा दुनियां में कुछ हो नहीं सकता"
आगरा। जब भी कागज पर लिखा, मैंने माँ का नाम, कलम अदब से बोल उठी हो गये हमारे चारों धाम। मातृ दिवस पर हर माँ के चरणों में नमन, वंदन व अभिनंदन। जब-जब मां की याद आती है, तब तब उसका अपनापन और निस्वार्थ सेवा भाव स्वयं ही जुबान पर आ ही जाता है।
मातृत्व दिवस के शुभ अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी श्री डॉ उमेश शर्मा ने सभी को मातृत्व दिवस की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पत्रकार वार्ता में बताया कि इस मदर्स डे के खास मौके पर अपनी मां के साथ समय बिताएं, वो सब करें जो व्यस्त होने के कारण आप नहीं कर पाते और मां को खास तोहफे देकर जरूर खुश करें। मां जैसा प्यार इस दुनिया में और कोई नहीं कर सकता। हम मां को कितना भी प्यार और सम्मान कर लें लेकिन वो कम ही पड़ जाता है। मां के प्यार, त्याग और तपस्या के बदले व्यक्ति उसे कुछ नहीं लौटा सकता। हर इंसान की जिंदगी में मां सबसे अहम होती है। मां हमारी हर जरूरतों से लेकर छोटी-बड़ी खुशियों का ख्याल रखती है और बदले में कभी कुछ नहीं मांगती। इसलिए हम लोगों को भी अपनी मां को हर दिन ही खास महसूस कराना चाहिए। क्युकी माँ अपना पूरा जीवन बच्चों की खुशियों में ही निकाल देती हैं। इसीलिए सभी के जीवन में माँ का योगदान अतुलनीय है।
इस संबंध में राष्ट्र सेवा में समर्पित समजासेवी श्री चन्दवीर सिंह फौजदार ने सभी को मातृत्व दिवस की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बताया कि मां का जीवन ऐसा है, वह अपने बच्चों के लिए ताउम्र ममता न्योछावर करती रहती है। सही मायने में आज संसार मां की ममता पर ही आकर टिका हुआ है। हम बात कर रहे हैं ‘मदर्स डे’ यानी मातृत्व दिवस जो कि मई के दूसरे संडे को मनाया जाता है। हमें इस दुनिया में लाने वाली और इंसान बनाने वाली उस मां के प्रति सम्मान और प्यार जताने के लिए वैसे तो किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं, लेकिन मदर्स डे हमें अपनी भावनाओं को जाहिर करने का एक बहाना जरूर देता है। मां का सभी के जीवन में योगदान अतुलनीय है।
मातृत्व दिवस के शुभ अवसर पर सभी को मातृत्व दिवस की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए समाजसेवी श्री विनोद इलाहबादी ने बताया कि मेरे लिए तो हर दिन हर पल मातृ दिवस है। मेरे जीवन उनके आशीर्वाद उनकी खुशियों के बिना अधुरा है। मेरे दिन की शुरुआत उनके चरण स्पर्श कर उनके आशीर्वाद से ही होती है। सिर्फ़ अपनी माँ के आशीर्वाद से ही जीवन में मेरे इतने विरोधी और दुश्मन होने के बाद भी आज मैं हर तरह से स्वस्थ और सुखी और समृद्ध संपन्न हूं। इसलिए माँ क़ो बारम्बार प्रणाम।
इस संबंध में समाजसेवी व वरिष्ठ पत्रकार श्री पंकज जैन साहब ने सभी को मातृत्व दिवस की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए बताया कि मां कभी भी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह नहीं मोड़ती,सदियों से हर युग में मां की महिमा का बखान हुआ है और ऐसे में मदर्स डे मां के सम्मान का एक और दिन महज है। हालांकि, इस दिन का काफी महत्व भी है, और लोग इस खास दिन को अपनी मां के प्रति अपने प्यार को शब्दों में बयां करते हैं। यह पूरा दिन मां के नाम समर्पित करें और घर के सभी लोग इस दिन को जश्न के तौर पर मनाएं। मदर्स डे मनाने के पीछे लोगों के जज़्बात और अपनी मां के लिए उनका प्यार दर्शाता हैं। वैसे तो हम में से कई लोग हमेशा की तरह इस मदर्स डे को भी अपनी मां के लिए खास बनाना चाहते हैं, क्युकी मां अपनी पूरी जिंदगी दूसरों की ख्वाहिशों को पूरा करने में निकाल देती है लेकिन हम कभी मां को उनके प्यार और ममता के लिए थैंक्स नहीं कह पाते हैं। मदर्स डे का दिन मां को थैंक्यू कहने के लिए सबसे बेस्ट है। आज बात भी मां के प्यार और ममता को लेकर होगी।
फ़िल्म निर्माता व लोकप्रिय श्री सावन चौहान ने बताया की समाजसेवी ने सभी को मातृत्व दिवस की ह्रदय से हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पत्रकार वार्ता में बताया कि मां नाम जुबान पर आते हैं मन और मतिष्क में मातृत्व और करुणा से भरा वो चेहरा नजरों के सामने आ जाता है, जिसे हम सब मां कहते हैं। सदियां बदल गई, जमाना बदल गया या कहें पिछले कुछ वर्षों में संसार ही बदल गया। केवल मां का ही समर्पण और ममता में कोई बदलाव नहीं आया है। मां का प्यार सागर से गहरा और आसमान से ऊंचा होता है, जिसे मापना, तौलना मुमकिन नहीं। हम खुशनसीब हैं कि हमें वो प्यार मिल रहा है। ऐसे में मां के प्रति अपनी भावनाओं को छिपाने की बजाय खुलकर बताने का ही तो दिन है मदर्स डे। मदर्स डे मां के सम्मान में मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के लिए खास होता है क्योंकि वह अपनी मां को बताते हैं कि वो उनसे कितना प्यार करते हैं। कई बार व्यस्त रहने के कारण तो कभी किसी और वजह से लोग अपनी मां से अपनी जिंदगी में उनके मायने नहीं बता पाते हैं। लोग इस दिन को पूरी तरह अपनी मां को समर्पित करते हैं। कहते हैं न कि मां के प्यार का कर्ज चुकाया नहीं जा सकता। हमें इस दुनिया में लाने वाली और इंसान बनाने वाली उस मां के प्रति सम्मान और प्यार जताने के लिए वैसे तो किसी विशेष दिन की जरूरत नहीं, लेकिन मदर्स डे हमें अपनी भावनाओं को जाहिर करने का एक बहाना जरूर देता है । मां का सभी के जीवन में योगदान अतुलनीय है।