आगरा में ट्रैफिक टीएसआई की सरपरस्ती में होमगार्ड करते हैं अवैध वसूली
जीवनी मंडी चौकी दिखाकर करते हैं ट्रैफिक पुलिसकर्मी अवैध वसूली
सीओ छत्ता के सर्कल से जा चुके हैं कई ट्रैफिक पुलिसकर्मी जेल
बिजली घर पर भी होमगार्डों के द्वारा जबरदस्त अवैध वसूली
चौराहे पर लगे रहते हैं सीसीटीवी कैमरे फिर भी अधिकारियों की पकड़ से अवैध वसूली करने वाले दूर क्यों?
खंदारी चौराहे पर भी होती है जमकर अवैध वसूली
आगरा विशेष :-संवाददाता यूं तो आगरा के हर चौराहे पर अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उसके बावजूद भी ट्रैफिक के होमगार्ड टीएसआई की सरपरस्ती में जमकर अवैध वसूली करते हैं कुछ जगह तो चौकी के पास ही ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी होने के कारण वाहन स्वामियों को गाड़ी चौकी में बंद करने की धमकी देकर भी अवैध वसूली की जाती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीओ छत्ता सर्किल के अंतर्गत चौकी जीवनी मंडी पर ही ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है यहां पर टीएसआई के नेतृत्व में होमगार्डों के द्वारा जमकर अवैध वसूली की जा रही है जबकि चौराहे पर सीसी कैमरे के अलावा चौकी पर भी सीसी कैमरा लगे हैं जिसमें अवैध वसूली करने वालों को देखा जा सकता है।
वही बिजलीघर चौराहे पर भी होमगार्डों के द्वारा वाहन स्वामियों से जमकर अवैध वसूली की जा रही है जबकि चौराहे पर चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उसके बावजूद भी यह चर्चित होमगार्ड बिजली घर, जीवनी मंडी, विक्टोरिया पार्क, श्मशान घाट चौराहा, खंदारी चौराहा आदि पर इनको अवैध वसूली करते हुए देखा जा सकता है।
अभी कुछ दिन पूरी खंदारी चौराहे पर ट्रकों से नो एंट्री में निकालने के नाम पर अवैध वसूली की खबर प्रकाशित भी हुई थी जिसमें गाड़ियों के नंबर का भी खुलासा किया गया था उसके बावजूद भी आज भी नो एंट्री बताकर ट्रक वालों को 20 हजार रुपए का जुर्माना बताकर सौदेबाजी करके निपटाया जाता है इतना ही नहीं कुछ अन्य गाड़ियों को रोक कर भी अवैध वसूली की जाती है। वही कुछ होमगार्डों के द्वारा अपनी ड्यूटी पहली पारी वह दूसरी पारी की ड्यूटी समाप्त करके दूसरे के चौराहे पर जाकर मुख्य आरक्षी वह टीएसआई की सरपरस्ती में अवैध वसूली करने में लगे रहते हैं। खंदारी चौराहे पर दी चौकी बनी हुई है ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहन स्वामियों को भय दिखाकर बताते हैं कि कई गाड़ियां बंद है तुम्हारी भी बंद हो जाएगी तो कई दिन तक नहीं छूटेगी। जिससे वाहन स्वामी भयभीत होकर मौके पर ले देकर मामला निपटा के चला जाता है।
सूत्र बताते हैं ट्रैफिक विभाग में 7 टीआई हैं उसके बावजूद भी किसी भी टीआई ने आज तक अवैध वसूली करने वाले अपने अधीनस्थ को नहीं पकड़ा उसके पीछे की वजह भी बताई जाती है की कुछ गाड़ियों की महीने दारी जैसे कि प्राइवेट ट्रैक्टर टोलियां जो कमर्शियल कार्य करती हैं इसके अलावा कुछ अन्य गाड़ियों की महीने दारी आती है जिसे चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी नहीं रोकते हैं और ना ही चालान आदि की कार्रवाई करते हैं। इसी के चले चौराहों पर अवैध वसूली करने वाले होमगार्डों पर कार्रवाई नहीं होती।