तांगा चालकों से कांटेदार लगाम जब्त : ताजमहल एवं आसपास मिल रही थीं पशु क्रूरता की शिकायतें, आप भी जानें किसने की कार्रवाई
आगरा ताजमहल के पूर्वी गेट और पश्चिमी गेट पर उसे समय तांगा संचालकों में हड़कंप मच गया जब पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स इंडिया (पेटा) एक अभियान चलाकर करीब 170 कांटेदार लगाम जब्त कर ली गई। यह अभियान पशु क्रूरता के खिलाफ चलाया गया था, जिसमें घोड़ों के मुंह में कांटेदार लगाम लगाने की प्रथा को रोकने का प्रयास किया गया। यह लगाम घोड़ों के मुंह में पहनाकर उनके होंठ के मांस को काटने के लिए किया जाता है, जिससे उन्हें अधिक दर्द होता है।
अन्य प्रदेशों में भी 1000 से अधिक कांटेदार लगाम को जब्त किया
पेटा को लगातार जानकारी मिल रही थी कि ताजमहल और आसपास के क्षेत्र में पशु क्रूरता की सारी हदें पार की जा रही हैं। उसी को लेकर यह अभियान चलाया गया। पेटा के एडवोकेट एसोसिएट तुषार कॉल ने बताया कि कांटेदार लगाम का प्रयोग शादी समारोह और तांगे के इस्तेमाल वाले घोड़ों पर किया जाता है। यह प्रथा पशु क्रूरता निवारण ड्रोट एवं पैक नियम 1965 के नियम धारा 8 का उल्लंघन है। इसी वजह से अभियान चलाया गया है। जयपुर, मैसूर, अमृतसर, दिल्ली में भी इसी तरह के अभियान चलाकर 1000 से अधिक कांटेदार लगाम को जब्त किया गया है। इन लगाम के स्थान पर घोड़ा मालिकों को प्लेन पीड़ामुक्त लगाम दी गई है।