एसएन मेडिकल कॉलेज में पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी, 13 वर्षीय किशोर को मिला नया जीवन
आगरा। शहर के चिकित्सा इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के सीटीवीएस विभाग ने पहली बार सफलतापूर्वक ओपन हार्ट सर्जरी कर 13 वर्षीय किशोर की जान बचा ली। यह उपलब्धि न केवल संस्थान बल्कि पूरे आगरा मंडल के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
जटिल बीमारी, बड़ा जोखिम
मरीज ‘कांस्ट्रिक्टिव पेरिकार्डिटिस’ नामक गंभीर हृदय रोग से पीड़ित था। इस बीमारी में हृदय के ऊपर कठोर परत जम जाती है, जिससे दिल की सामान्य कार्यप्रणाली बाधित हो जाती है। इस परत को धड़कते दिल से हटाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमभरा होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सर्जरी में 50 प्रतिशत तक जान जाने का खतरा बना रहता है।
डॉक्टरों की टीम ने कर दिखाया कमाल
सीटीवीएस विभाग के प्रोफेसर एवं हेड डॉ. अतुल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने इस हाई-रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उनकी तकनीकी दक्षता, टीमवर्क और साहस के चलते मरीज को नया जीवन मिल सका।
प्रिंसिपल ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
संस्थान के प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने इस सफलता को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह संसाधनों, संकल्प और विशेषज्ञता की जीत है। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसी जटिल सर्जरी बड़े मेट्रो शहरों या कॉर्पोरेट अस्पतालों तक सीमित थी, लेकिन अब आगरा का सरकारी मेडिकल कॉलेज भी इस स्तर की सुविधाएं देने में सक्षम हो गया है।
पूरी टीम का रहा अहम योगदान
इस जटिल सर्जरी में एनेस्थीसिया टीम के डॉ. दीपक और डॉ. मिहिर सहित कई विशेषज्ञों की अहम भूमिका रही। सर्जिकल टीम में डॉ. अतुल कुमार गुप्ता, डॉ. शिव, डॉ. शुभांशु, डॉ. सुलभ, डॉ. आरती, तकनीशियन सचिन और मोनू शामिल रहे। ऑपरेशन के बाद सुपर स्पेशलिटी ICU में डॉ. आकांक्षा और डॉ. सौम्या गुप्ता ने मरीज की देखभाल कर उसे सुरक्षित रिकवरी की ओर पहुंचाया।
आगरा के लिए क्यों है बड़ी उपलब्धि
यह सफलता इसलिए खास है क्योंकि अब तक गंभीर हृदय रोगों के मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली, जयपुर या बड़े निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। अब सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज में ही ऐसी जटिल सर्जरी संभव होने से गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
नई उम्मीद की शुरुआत
एसएनएमसी की यह पहली सफल ओपन हार्ट सर्जरी केवल एक चिकित्सा उपलब्धि नहीं, बल्कि आगरा में स्वास्थ्य सेवाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम है। यह उपलब्धि पूरे ब्रज क्षेत्र के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी है और भविष्य में ऐसे और जटिल ऑपरेशन यहीं संभव होने का रास्ता खोलती है।