राजस्थान से इटावा ले जाई जा रही 40 किलो गांजे की खेप पकड़ी, खेरागढ़ पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में तस्कर गिरफ्तार
आगरा। नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में आगरा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना खेरागढ़ पुलिस, एसओजी पश्चिमी जोन और सर्विलांस सेल पश्चिमी जोन की संयुक्त टीम ने करीब 40 किलोग्राम अवैध गांजे की खेप बरामद करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस आयुक्त आगरा के निर्देशन में जनपद भर में अपराधियों एवं मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 10 जून की रात थाना खेरागढ़, एसओजी और सर्विलांस टीम संयुक्त रूप से क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थी। तभी मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक युवक राजस्थान से बड़ी मात्रा में गांजा लेकर आगरा-जगनेर मार्ग होते हुए इटावा की ओर जाने वाला है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम नगला विष्णु के पास रणनीतिक तरीके से घेराबंदी कर निगरानी शुरू कर दी। कुछ देर बाद बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर एक युवक आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद कट्टे से 39.580 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने अपना नाम वीरेन्द्र पुत्र रामरतन सिंह निवासी थाना चकरनगर, जनपद इटावा बताया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से परेशान था, जिसके चलते उसने नशे की तस्करी का रास्ता चुना। उसने स्वीकार किया कि गांजे की यह खेप राजस्थान से लाई गई थी और इसे इटावा क्षेत्र में बेचने की तैयारी थी।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना खेरागढ़ में मुकदमा संख्या 110/2026 के तहत धारा 8/20बी/60 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की बरामदगी किसी संगठित नेटवर्क की ओर संकेत करती है। यही कारण है कि अब जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुट गई हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी को गांजा कहां से प्राप्त हुआ, इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा उत्तर प्रदेश के किन जिलों में इसकी सप्लाई की जा रही थी। राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक फैले संभावित तस्करी गिरोह की भी गहन जांच की जा रही है।
इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी हरीश कुमार, एसओजी प्रभारी उपनिरीक्षक अभिषेक कुमार, सर्विलांस प्रभारी उपनिरीक्षक सचिन कुमार सहित थाना खेरागढ़, एसओजी और सर्विलांस सेल पश्चिमी जोन की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा तथा इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस की इस कार्रवाई को नशा तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने में मदद मिलेगी।