बल्केश्वर पार्क की भागवत कथा में कथित फर्जी वीआईपी पास का विवाद, 500 रुपये लेकर बेचने का आरोप
आगरा। बल्केश्वर पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान कथित फर्जी वीआईपी पास का मामला सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि कुछ महिलाओं से 500 रुपये लेकर वीआईपी एंट्री पास बेचे गए, लेकिन कथा पंडाल में प्रवेश के समय उन्हें रोक दिया गया। जांच में पासों को संदिग्ध पाए जाने के बाद मौके पर काफी देर तक भ्रम और अव्यवस्था का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, कथा में शामिल होने पहुंचीं कुछ महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कथा स्थल के आसपास 500 रुपये में वीआईपी एंट्री पास उपलब्ध कराए गए थे। पास देने वालों ने दावा किया था कि इन पासों के जरिए उन्हें विशेष प्रवेश और बेहतर व्यवस्था का लाभ मिलेगा।
हालांकि जब महिलाएं प्रवेश द्वार पर पहुंचीं तो वहां तैनात कर्मियों ने उनके पासों को मान्य मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जानकारी अन्य श्रद्धालुओं तक पहुंची और कथा स्थल पर चर्चा का माहौल बन गया।
असली और कथित नकली पास में मिला अंतर
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कथित फर्जी पासों पर केवल क्यूआर कोड छपा हुआ था, जबकि आयोजन समिति द्वारा जारी किए गए वास्तविक पासों पर यूनिक आईडी युक्त विशेष स्टीकर लगाया गया था। प्रवेश द्वार पर जांच के दौरान इसी अंतर के आधार पर पासों की वैधता पर सवाल खड़े हुए।
पहले से चर्चा में थी पास व्यवस्था
श्रीमद्भागवत कथा में प्रवेश व्यवस्था और पास वितरण को लेकर पहले से ही चर्चाएं चल रही थीं। अब कथित फर्जी वीआईपी पासों की बिक्री का मामला सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। श्रद्धालुओं के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि पास वास्तव में फर्जी हैं तो उन्हें तैयार करने और बेचने वाले लोग कौन हैं।
प्रवेश से वंचित महिलाओं का कहना है कि उन्हें कथा पंडाल के आसपास ही ये पास बेचे गए थे। उनका आरोप है कि धार्मिक आयोजन में आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का लाभ उठाकर उनसे धन वसूला गया है।
श्रद्धालुओं को हुई परेशानी
घटना के बाद प्रवेश द्वार पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। कई श्रद्धालु यह समझने का प्रयास करते रहे कि कौन से पास अधिकृत हैं और कौन से नहीं। इससे कथा में शामिल होने पहुंचे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
थाना क्षेत्र कमला नगर स्थित बल्केश्वर पार्क में हुए इस घटनाक्रम के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही कथित फर्जी पास तैयार कर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है। यह घटना बड़े धार्मिक आयोजनों में प्रवेश व्यवस्था, निगरानी और सुरक्षा तंत्र को लेकर भी कई सवाल खड़े कर रही है।