फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार - समाचार RIGHT

BREAKING NEWS

सोमवार, 8 जून 2026

फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

आगरा। कमिश्नरेट आगरा की थाना नाई की मंडी पुलिस ने फर्जी दस्तावेज, जाली हस्ताक्षर और कूटरचित अंगूठे के निशानों के जरिए संपत्ति हड़पने के एक गंभीर मामले का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपियों में शामिल एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को टूंडला रेलवे स्टेशन से दबोचा, जबकि मामले के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

पुलिस के अनुसार, वादी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग फर्जी दस्तावेज तैयार कर और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करते हुए संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। शिकायत के आधार पर थाना नाई की मंडी में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आई जालसाजी

विवेचना के दौरान पुलिस ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि अभिलेखों में फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित अंगूठे के निशानों का प्रयोग किया गया था। तकनीकी एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी।

टूंडला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी

कार्रवाई के दौरान थाना नाई की मंडी पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी रविकांत लवानिया को Tundla Railway Station के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी से मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

दो आरोपी अभी फरार

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में नामजद आरोपी शिशुपाल और महेश कुमार अभी फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

संपत्ति धोखाधड़ी पर पुलिस का सख्त रुख

पुलिस का कहना है कि संपत्ति से जुड़े फर्जीवाड़े और जालसाजी के मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संपत्ति की खरीद-फरोख्त, रजिस्ट्री या हस्तांतरण से पहले दस्तावेजों की वैधता और रिकॉर्ड का भली-भांति सत्यापन अवश्य करा लें, ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होने से बचा जा सके।

थाना नाई की मंडी पुलिस की यह कार्रवाई संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

video

Pages