एबीवीपी का विश्वविद्यालय में जोरदार प्रदर्शन, गोल्ड मेडल चयन प्रक्रिया पर उठाए सवाल
आगरा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) आगरा महानगर ने डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में गोल्ड मेडल एवं मेरिट निर्धारण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने कुलपति कार्यालय का घेराव करते हुए अपनी मांगों को लेकर दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक विश्वविद्यालय परिसर में डेरा डाले रखा।
एबीवीपी ने कुलपति को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में कुछ विद्यार्थियों के अंक असामान्य रूप से बढ़ाकर उन्हें गोल्ड मेडल दिलाने का प्रयास किया गया है, जबकि वास्तविक मेधावी छात्र-छात्राओं के साथ अन्याय हुआ है। परिषद ने इसे केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता का मुद्दा बताया।
"मेहनत का सम्मान होना चाहिए, कृपा का नहीं"
एबीवीपी इकाई अध्यक्ष शिवम कोली ने कहा कि विश्वविद्यालय में किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गोल्ड मेडल केवल योग्यता, मेहनत और प्रतिभा के आधार पर मिलना चाहिए, न कि किसी विशेष कृपा या प्रभाव के आधार पर। मेधावी छात्रों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
"छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं"
प्रांत राज्य विश्वविद्यालय संयोजक नितिन दुबे ने कहा कि छात्रों के साथ अन्याय और विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार को परिषद किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थी परिषद बड़े स्तर पर विश्वविद्यालय का घेराव करने और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
विभाग संयोजक दीपक कश्यप ने भी परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विश्वविद्यालय में कॉपी री-चेकिंग का कोई प्रावधान नहीं है तो फिर कुछ छात्रों के अंकों में संशोधन कैसे किया गया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
एबीवीपी की प्रमुख मांगें
गोल्ड मेडल और मेरिट सूची में शामिल विद्यार्थियों के अंकों में हुए संशोधनों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए।
यह सार्वजनिक किया जाए कि किन विद्यार्थियों के अंक बढ़ाए गए, कितने बढ़ाए गए और किस नियम के तहत बढ़ाए गए।
जांच पूरी होने तक गोल्ड मेडल वितरण प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
मेरिट और गोल्ड मेडल चयन प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी, जवाबदेह और डिजिटल निगरानी के दायरे में लाया जाए।
विश्वविद्यालय की परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
देर शाम तक चला विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान रजत जोशी, शिवांग खंडेलवाल, अश्वानी जाट, विवेक सिंह, जितेंद्र चौधरी, आयुष कश्यप, हर्ष, धीरज, कपिल और कनक सहित अन्य छात्र नेताओं ने भी अपनी बात रखी।
एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।