आम यात्री बनकर सिटी बस में चढ़े नगर आयुक्त, खुली टिकट व्यवस्था की पोल
आगरा। शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की हकीकत जानने के लिए नवागत नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने शनिवार को आम यात्री बनकर सिटी बस में सफर किया। इस दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने बस संचालन और टिकट व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया।
नगर आयुक्त ने बिना किसी सरकारी पहचान के प्रतापपुरा से सिटी बस में यात्रा शुरू की और कलेक्ट्रेट तक का टिकट लिया। हालांकि, वह उसी टिकट पर आगे भगवान टॉकीज तक सफर करते रहे, लेकिन बस कंडक्टर ने न तो टिकट की वैधता जांची और न ही यात्रा के दौरान किसी यात्री से टिकट दिखाने के लिए कहा।
कई यात्री मिले बिना टिकट
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि बस में कई यात्री बिना टिकट ही यात्रा कर रहे थे। इस स्थिति को उन्होंने गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि टिकट जांच व्यवस्था में ढिलाई के कारण प्रतिदिन हजारों रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को टिकट वितरण और जांच प्रणाली को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। साथ ही बस कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही।
यात्रियों से सीधे जाना हाल
यात्रा के दौरान नगर आयुक्त ने बस में मौजूद यात्रियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। कई यात्रियों ने शिकायत की कि सिटी बसें निर्धारित समय पर नहीं चलतीं, जिससे उन्हें रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यात्रियों ने बसों की संख्या बढ़ाने, समयबद्ध संचालन और बेहतर निगरानी की मांग भी उठाई। नगर आयुक्त ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
सुधार की दिशा में संकेत
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य का यह औचक निरीक्षण शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के निरीक्षणों से न केवल कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकेंगी।
नगर निगम अब टिकट जांच व्यवस्था, राजस्व संग्रह और बस संचालन की निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाने की तैयारी में जुट गया है।