रक्षाबंधन की खुशियों पर हादसों का ग्रहण, दो घरों के बुझ गए चिराग; बहनों की कलाई पर राखी से पहले छीन गया भाई
आगरा। रक्षाबंधन का पावन पर्व दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का गम बन गया। भाई की कलाई पर राखी बांधने की तैयारी कर रहीं बहनों की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब सड़क हादसों में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। बोदला चौराहे पर ट्रक की चपेट में आने से तीन बहनों के इकलौते भाई भोलू की मौत हो गई, जबकि ट्रांस यमुना क्षेत्र में हाईवे पर कार की टक्कर से इकलौते बेटे यश मलिक की जान चली गई। दोनों हादसे गुरुवार देर रात हुए।
बहनों को लेने जा रहे भोलू को ट्रक ने कुचला
पहला दर्दनाक हादसा बोदला चौराहे पर हुआ। लोहामंडी के जयपुर हाउस स्थित जूस वाली गली निवासी 32 वर्षीय भोलू अपनी तीन बहनों के इकलौते भाई थे। चचेरे भाई अनिल के मुताबिक, भोलू की बहनें ममता और मुन्नी दिल्ली से रक्षाबंधन पर आगरा आ रही थीं। दोनों ने रात में भाई को फोन कर उन्हें सिकंदरा चौराहे से लेने के लिए कहा था।
बहनों की आवाज सुनकर भोलू बाइक से उन्हें लेने के लिए निकल पड़े। उन्हें क्या पता था कि कुछ ही देर बाद रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। बोदला चौराहे पर पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि भोलू की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को पकड़ लिया। हादसे की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। जो बहनें कुछ देर बाद भाई की कलाई पर राखी बांधने वाली थीं, उन्हें भाई का शव देखने के लिए पहुंचना पड़ा। राखी बांधने से पहले भाई की मौत की खबर ने बहनों को पूरी तरह तोड़ दिया। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।
भोलू एक इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में सेल्समैन के रूप में काम करते थे। परिवार में पत्नी नीतू और पांच साल का बेटा है। रक्षाबंधन पर बहनों के स्वागत की तैयारी कर रहे परिवार में अचानक मातम छा गया।
मां का इकलौता सहारा था यश, कार की टक्कर ने छीनी जिंदगी
दूसरा हादसा गुरुवार रात करीब 12 बजे ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में हाईवे स्थित रायल कट के पास हुआ। लक्ष्मी कुंज, एत्माद्दौला निवासी 26 वर्षीय यश मलिक अपने मित्र कपिल की अस्पताल में भर्ती पत्नी को देखकर बाइक से वापस लौट रहे थे। उनके साथ मित्र सौरभ भी बाइक पर मौजूद थे।
रायल कट के पास टूंडला की ओर से आ रही एक कार ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने यश मलिक को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल सौरभ का उपचार कराया गया।
यश अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके पिता उमेश मलिक का पहले ही निधन हो चुका था। अब यश ही अपनी वृद्ध मां सुदेश मलिक का एकमात्र सहारा थे। बेटे की मौत की खबर सुनते ही मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिजनों के मुताबिक यश मथुरा की एक निजी कंपनी में नौकरी करते थे। रक्षाबंधन के पर्व पर परिवार को उनसे खुशियां बांटने की उम्मीद थी, लेकिन सड़क हादसे ने परिवार से उसका इकलौता बेटा छीन लिया।
दो हादसों ने रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदलीं
एक ही रात हुए इन दो सड़क हादसों ने दो परिवारों को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। एक ओर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए दिल्ली से आगरा आ रही थीं, लेकिन भाई रास्ते में ही दुनिया छोड़ गया। वहीं दूसरी ओर यश अपनी मां का सहारा थे, लेकिन सड़क हादसे ने उन्हें भी हमेशा के लिए छीन लिया।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि दोनों दुर्घटनाओं के मामलों में संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रक्षाबंधन जैसे पवित्र पर्व पर जहां घर-घर भाई-बहन के प्रेम की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहीं आगरा के दो परिवारों में चीख-पुकार गूंजती रही। सड़क पर हुई लापरवाही ने एक बहन से उसका भाई और एक मां से उसका इकलौता सहारा छीन लिया।