नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, दो साल से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
सोशल मीडिया पर विज्ञापन देकर देशभर के युवाओं को बनाया निशाना, 3200 से अधिक लोगों से ठगी का खुलासा; चार आरोपी गिरफ्तार
आगरा। ताजगंज क्षेत्र में शनिवार को पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर के मामले में रविवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। नौकरी लगवाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं को अपने जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाला यह फर्जी कॉल सेंटर करीब दो साल से संचालित हो रहा था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक की जांच में 3200 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से इस गिरोह के खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें भी सामने आने की बात पुलिस ने बताई है।
डीसीपी आदित्य के मुताबिक, फर्जी कॉल सेंटर का नेटवर्क चलाने वाले आरोपी मूल रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जौनपुर और बिहार के रहने वाले हैं। हालांकि, ठगी के लिए उन्होंने आगरा के ताजगंज क्षेत्र को अपना ठिकाना बनाया हुआ था। आरोपी करीब दो साल से यहां बैठकर बेरोजगार युवाओं को नौकरी का लालच देकर ठगी का नेटवर्क चला रहे थे।
सोशल मीडिया पर नौकरी के फर्जी विज्ञापन
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी कंपनी के नाम से सिक्योरिटी गार्ड समेत विभिन्न पदों पर नौकरी के विज्ञापन प्रसारित करते थे। आकर्षक वेतन और नौकरी का भरोसा देखकर बेरोजगार युवक विज्ञापन में दिए गए नंबरों पर संपर्क करते थे। इसके बाद कॉल सेंटर में बैठे आरोपी अभ्यर्थियों से बातचीत कर उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा देते थे।
रजिस्ट्रेशन से शुरू होती थी ठगी
अभ्यर्थी के संपर्क में आने के बाद सबसे पहले उससे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर रकम जमा कराई जाती थी। इसके बाद उसे बताया जाता था कि जिस पद के लिए उसका चयन हुआ है, उसके अनुसार अलग शुल्क जमा करना होगा। यह रकम जमा कराने के बाद भी आरोपियों की मांग खत्म नहीं होती थी।
अभ्यर्थी को नौकरी का फाइनल ज्वाइनिंग लेटर देने के नाम पर भी पैसे वसूले जाते थे। इस तरह एक ही व्यक्ति से अलग-अलग बहाने बनाकर कई चरणों में रकम ऐंठी जाती थी। नौकरी मिलने की उम्मीद में बेरोजगार युवक आरोपियों की बातों में फंसकर लगातार भुगतान करते रहते थे।
देशभर के युवाओं को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क केवल आगरा या आसपास के जिलों तक सीमित नहीं था। सोशल मीडिया के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को अपने जाल में फंसाया जाता था। आरोपी बातचीत और रकम जमा कराने का पूरा काम कॉल सेंटर के माध्यम से संचालित करते थे।
जांच के दौरान पुलिस को देशभर से 100 से अधिक शिकायतें मिलने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच में 2500 से अधिक लोगों के साथ ठगी किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन आरोपियों से बरामद रिकॉर्ड और पूछताछ के आधार पर अब यह संख्या करीब 3200 से अधिक पहुंच गई है।
रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके कॉल सेंटर से मिले रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। इसके जरिए ठगी की कुल रकम, गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और देशभर में फैले नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने वाले इस अंतर्राज्यीय गिरोह के नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।