बारिश ने खोली विकास कार्यों की पोल! जयरामबाग मुख्य मार्ग पर धंसी सड़क, बीचों-बीच बना गहरा गड्ढा
2014 में डाली गई थी सीवर लाइन, सड़क धंसने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल; हादसे का खतरा बढ़ा
आगरा। बारिश शुरू होते ही शहर में कराए गए विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। दयालबाग क्षेत्र के जयरामबाग मुख्य मार्ग पर सड़क का एक हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क के बीचों-बीच गहरा गड्ढा बन जाने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। व्यस्त मार्ग पर सड़क धंसने की तस्वीरें सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते गड्ढे की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, जयरामबाग मुख्य मार्ग पर जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वहां वर्ष 2014 में सीवर लाइन डाली गई थी। अब सड़क धंसने की घटना के बाद सीवर लाइन बिछाने के दौरान अपनाई गई कार्यप्रणाली और सड़क की बहाली की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सीवर लाइन के काम पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीवर लाइन डालते समय निर्धारित मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क के नीचे मिट्टी की भराई और दबाई का काम यदि मानकों के अनुरूप किया गया होता तो करीब एक दशक बाद सड़क धंसने की स्थिति नहीं बनती।
हालांकि, सड़क धंसने के वास्तविक कारण की तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल बारिश के बीच सड़क का धंसना लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
बारिश बढ़ी तो और गंभीर हो सकती है स्थिति
लगातार बारिश के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी में नमी बढ़ने से जमीन और कमजोर होने की आशंका है। ऐसे में सड़क का धंसा हुआ हिस्सा और अधिक गहरा हो सकता है। खासकर रात के समय गड्ढा वाहन चालकों को दिखाई नहीं देने पर दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मार्ग पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं। ऐसे में सड़क के बीच बने गहरे गड्ढे को तत्काल सुरक्षित कर उसकी मरम्मत कराया जाना जरूरी है।
स्मार्ट सिटी के दावों पर भी सवाल
आगरा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए करोड़ों रुपये के विकास कार्य कराए गए हैं। सड़कों, सीवर और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावे भी किए जाते रहे हैं। लेकिन बारिश के दौरान सड़क धंसने और जलभराव जैसी समस्याएं सामने आने के बाद विकास कार्यों की जमीनी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
जयरामबाग में सड़क धंसने की घटना ने पुराने सीवर कार्यों की गुणवत्ता के साथ-साथ सड़क निर्माण के बाद उसकी निगरानी व्यवस्था को भी सवालों के घेरे में ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित विभागों को समय-समय पर सड़कों और भूमिगत सीवर लाइनों की स्थिति की जांच करनी चाहिए।
तकनीकी जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क धंसने के कारणों की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह भी जांच होनी चाहिए कि वर्ष 2014 में सीवर लाइन डालते समय किन मानकों का पालन किया गया था और काम पूरा होने के बाद सड़क की बहाली किस गुणवत्ता के साथ की गई थी।
लोगों ने मौके पर विशेषज्ञों की टीम भेजकर सड़क के नीचे की स्थिति और सीवर लाइन की जांच कराने की मांग की है। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या निर्धारित मानकों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल बारिश के बीच जयरामबाग मुख्य मार्ग पर सड़क धंसने की घटना ने एक बार फिर आगरा में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और उनकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग सड़क को सुरक्षित कराने के साथ मामले की तकनीकी जांच कब तक कराता है।