आगरा में चारपाई बनी एंबुलेंस, सड़क नहीं मिली तो उटंगन नदी पार कराई प्रसूता; वीडियो वायरल
आगरा। जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। फतेहाबाद क्षेत्र के गांव सुखलालपुरा में पक्की सड़क नहीं होने के कारण एक प्रसूता और उसके नवजात को चारपाई के सहारे उटंगन नदी पार कराकर घर पहुंचाया गया। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक आने-जाने के लिए सुरक्षित और पक्का मार्ग नहीं होने के कारण उन्हें आज भी नदी के रास्ते आवाजाही करनी पड़ती है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
प्रसव के बाद नदी पार कराई प्रसूता
जानकारी के मुताबिक, थाना बसई अरेला क्षेत्र के गांव सुखलालपुरा निवासी श्रीकिशन की पत्नी केशो देवी को प्रसव के लिए परिजन बुधवार को फतेहाबाद लेकर गए थे। प्रसव के बाद गुरुवार शाम करीब पांच बजे महिला और उसके नवजात को वापस गांव लाया जा रहा था।
गांव तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने और उटंगन नदी में पानी होने के कारण परिजनों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई। बताया गया कि परिजनों ने एक ट्यूब के सहारे चारपाई को नदी में उतारा और उस पर प्रसूता व नवजात को बैठाकर नदी पार कराई।
इस दौरान परिजन चारपाई को संभालते हुए नदी पार करते दिखाई दिए। नदी में पानी होने के कारण किसी अनहोनी की आशंका भी बनी रही।
1 मिनट 23 सेकेंड का वीडियो प्रसारित
इस पूरे घटनाक्रम का करीब एक मिनट 23 सेकेंड का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद गांव तक सड़क नहीं होने और ग्रामीणों की परेशानियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
वीडियो में ग्रामीण प्रसूता और नवजात को चारपाई के सहारे नदी पार कराते नजर आ रहे हैं। घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बारिश में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक सुरक्षित सड़क मार्ग नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को होती है। नदी का जलस्तर बढ़ने पर गांव का संपर्क और मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के मुताबिक, किसी मरीज को अस्पताल ले जाने या प्रसव के बाद महिला को घर वापस लाने के दौरान जोखिम और बढ़ जाता है। ऐसे में कभी चारपाई तो कभी अन्य असुरक्षित साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग उठाई
घटना के बाद ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से गांव तक जल्द से जल्द पक्का और सुरक्षित सड़क मार्ग उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को भी समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।
सुखलालपुरा की यह तस्वीर ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या को सामने लाती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और गांव को सुरक्षित सड़क मार्ग कब मिल पाता है।