पुलिस को ही भ्रष्टाचार में फंसाने की धमकी!
फर्जी ‘एंटी करप्शन इंस्पेक्टर’ ने मांगे 10 हजार रुपये, पद और तैनाती पूछते ही खुल गई पोल
आगरा। ईदगाह चौराहे पर यातायात व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों पर रौब गांठना एक युवक को भारी पड़ गया। खुद को एंटी करप्शन टीम का इंस्पेक्टर बताकर पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये की मांग करने वाले आरोपी को शाहगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि रकम नहीं देने पर युवक ने पुलिसकर्मियों को भ्रष्टाचार के मामले में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी।
अचानक खुद को एंटी करप्शन अधिकारी बताकर रुपये मांगने और कार्रवाई की धमकी देने पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को युवक पर शक हुआ। जब उससे विभाग, पद और तैनाती के बारे में जानकारी मांगी गई तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने उसके दावे की जांच कराई।
एंटी करप्शन इंस्पेक्टर बताकर जमाया रौब
बताया गया कि ईदगाह चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान संजय कुमार राय वहां पहुंचा। उसने पुलिसकर्मियों के सामने खुद को एंटी करप्शन विभाग का निरीक्षक बताया और उनके कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए कार्रवाई का डर दिखाने लगा।
आरोप है कि इसी दौरान उसने पुलिसकर्मियों से 10 हजार रुपये की मांग की। रकम नहीं देने पर उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। सरकारी विभाग के अधिकारी के नाम पर धमकाने और रुपये मांगने की कोशिश से पुलिसकर्मियों को उसके दावे पर संदेह हुआ।
पद और तैनाती पूछी तो नहीं दे सका जवाब
पुलिसकर्मियों ने जब संजय कुमार राय से एंटी करप्शन विभाग में उसके पद और तैनाती से संबंधित जानकारी मांगी तो वह स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद उसके दावे की पुलिस स्तर से जांच कराई गई।
ऑनलाइन स्तर पर एंटी करप्शन टीम में उसकी तैनाती और निरीक्षक पद की जानकारी खंगाली गई, लेकिन उसके दावे की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि सरकारी अधिकारी होने का झूठा परिचय देकर पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने और उनसे रुपये ऐंठने का प्रयास किया गया।
शाहगंज पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
मामले की जानकारी शाहगंज पुलिस को दी गई। प्रारंभिक जांच और पूछताछ के बाद पुलिस ने संजय कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने इससे पहले कहीं इसी तरह सरकारी अधिकारी या किसी जांच एजेंसी का अधिकारी बनकर लोगों को धमकाया या उनसे वसूली की कोशिश तो नहीं की। उसके पुराने रिकॉर्ड और संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
पुलिसकर्मियों को ही भ्रष्टाचार के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर वसूली की कोशिश का यह मामला सामने आने के बाद फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को डराने वालों पर भी सवाल खड़े हुए हैं।