धनौली के रिहायशी कमरे में दवाओं का गुप्त गोदाम! - समाचार RIGHT

BREAKING NEWS

बुधवार, 30 सितंबर 2026

धनौली के रिहायशी कमरे में दवाओं का गुप्त गोदाम!

धनौली के रिहायशी कमरे में दवाओं का गुप्त गोदाम!

एफएसडीए की छापेमारी में दो करोड़ से अधिक का स्टॉक मिलने का दावा, युवक हिरासत में; लखनऊ समेत तीन जिलों की टीमें जांच में जुटीं

आगरा के धनौली में मंगलवार सुबह एफएसडीए की छापेमारी से हड़कंप मच गया। रिहायशी इलाके में एक कमरे के भीतर बड़ी मात्रा में दवाओं का भंडारण और पैकिंग किए जाने की सूचना पर औषधि विभाग की टीम ने कार्रवाई की। तलाशी के दौरान कमरे में दवाओं की पेटियां देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। प्रारंभिक आकलन में बरामद स्टॉक की कीमत दो करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। हालांकि, दवाओं के वैध या अवैध होने की स्थिति विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामला धनौली में तीन छतरी के पास स्थित रिहायशी इलाके का है। एफएसडीए को सूचना मिली थी कि एक कमरे में बड़ी मात्रा में दवाएं रखी गई हैं और वहीं उनकी पैकिंग का काम भी चल रहा है। सूचना के आधार पर मंगलवार सुबह करीब नौ बजे विभागीय टीम मौके पर पहुंची और कमरे की तलाशी शुरू की। इस दौरान एक युवक दवाओं की पैकिंग करता मिला, जिसे टीम ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

पेटियों में भरी मिलीं अलग-अलग दवाएं

तलाशी के दौरान कमरे से बड़ी संख्या में दवाओं की पेटियां बरामद हुईं। अधिकारियों के मुताबिक इनमें केटोरोल, कोडेस, एलेग्रा, एलेग्रा-एम, लॉसर-एच और जुलर समेत कई दवाएं शामिल हैं। बरामद स्टॉक की कीमत का प्रारंभिक अनुमान दो करोड़ रुपये से अधिक लगाया गया है।

इतनी बड़ी मात्रा में दवाओं को रिहायशी कमरे में रखने और वहीं पैकिंग किए जाने को लेकर विभाग ने जांच शुरू कर दी है। टीम दवाओं के बैच नंबर, निर्माण और समाप्ति तिथि, पैकिंग, लेबलिंग और आपूर्ति से जुड़े विवरण जुटा रही है।

बिल और लाइसेंस से लेकर सप्लाई नेटवर्क तक जांच

एफएसडीए की जांच अब इस बात पर केंद्रित है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं कहां से खरीदी गईं और किस फर्म या व्यक्ति के नाम पर मंगाई गई थीं। इसके अलावा इनकी सप्लाई कहां की जानी थी, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। मौके से मिले बिल, इनवॉयस, स्टॉक रजिस्टर, लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि जिस कमरे में दवाओं का भंडारण और पैकिंग की जा रही थी, वहां इसके लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और दवा भंडारण के निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

लखनऊ से पहुंची सूचना, फिरोजाबाद और हाथरस की टीमें भी जुटीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसडीए के अधिकारियों ने लखनऊ स्थित विभागीय अधिकारियों को भी सूचना दी। इसके बाद फिरोजाबाद और हाथरस से औषधि विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। कई टीमों ने बरामद दवाओं और संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।

हिरासत में लिए गए युवक से भी पूछताछ की जा रही है। उससे दवाओं के स्रोत, पैकिंग के काम और संबंधित फर्म अथवा कारोबारियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी असली तस्वीर

फिलहाल बरामद दवाओं को जांच के दायरे में लेकर उनके स्रोत और वैधता की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का मुख्य फोकस इस बात पर है कि दो करोड़ रुपये से अधिक का दवा स्टॉक रिहायशी कमरे तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन लोग जुड़े हैं।

अभी बरामद दवाओं को नकली या अवैध बताना जल्दबाजी होगी। दवाओं के नमूनों, दस्तावेजों, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और पैकिंग की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में नियमों का उल्लंघन या अन्य अनियमितता मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

video

Pages