12 साल पुराने हत्याकांड में इंसाफ की दस्तक, प्रभारी धर्मेंद्र कुमार की मॉनिटरिंग ने दिलाई बड़ी कानूनी सफलता - समाचार RIGHT

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रविवार, 4 अक्टूबर 2026

12 साल पुराने हत्याकांड में इंसाफ की दस्तक, प्रभारी धर्मेंद्र कुमार की मॉनिटरिंग ने दिलाई बड़ी कानूनी सफलता

12 साल पुराने हत्याकांड में इंसाफ की दस्तक, प्रभारी धर्मेंद्र कुमार की मॉनिटरिंग ने दिलाई बड़ी कानूनी सफलता

ऑपरेशन कन्विक्शन को प्रभावी बनाने में मॉनिटरिंग सेल की अहम भूमिका, साक्ष्यों से लेकर न्यायालयी पैरवी तक हर कड़ी पर रही पैनी नजर

आगरा। अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं होती, बल्कि असली सफलता तब मानी जाती है जब मजबूत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के दम पर आरोपी को न्यायालय से सजा मिले। इसी सोच के साथ आगरा पुलिस कमिश्नरेट में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी धर्मेंद्र कुमार की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। पुराने और गंभीर आपराधिक मामलों की लगातार मॉनिटरिंग, विवेचना से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर नजर और न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराने की दिशा में उनकी टीम सक्रिय भूमिका निभा रही है।

मलपुरा थाना क्षेत्र के वर्ष 2012 के हत्या के मामले में भी पुलिस की इसी निरंतर मॉनिटरिंग का परिणाम सामने आया। मामले में अभियुक्तों के विरुद्ध लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने दो अभियुक्तों को आजीवन सश्रम कारावास और 1.07 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

मामला वादी हरिश्चंद्र पुत्र चंदन सिंह निवासी डाबली, थाना मलपुरा से जुड़ा था। वादी की ओर से वर्ष 2012 में अपने भाई की गोली मारकर हत्या किए जाने के संबंध में थाना मलपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया।

इस मुकदमे की सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए गए गवाहों की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष रखा गया। इसी क्रम में ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभारी मॉनिटरिंग सेल धर्मेंद्र कुमार और उनकी टीम ने मुकदमे की प्रगति पर लगातार नजर बनाए रखी।

पुलिस की ओर से पैरवी और मॉनिटरिंग की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया गया कि अभियोजन पक्ष के महत्वपूर्ण साक्ष्य और तथ्य न्यायालय के समक्ष मजबूती के साथ प्रस्तुत हों। परिणामस्वरूप न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।

धर्मेंद्र कुमार की मॉनिटरिंग बनी मजबूत कड़ी

ऑपरेशन कन्विक्शन जैसे अभियान में मॉनिटरिंग सेल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। मुकदमे की स्थिति पर नजर रखने से लेकर अभियोजन पक्ष के साथ समन्वय और महत्वपूर्ण मामलों में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित कराने तक कई स्तरों पर काम किया जाता है। प्रभारी मॉनिटरिंग सेल धर्मेंद्र कुमार इसी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाते हुए पुराने एवं गंभीर मामलों में न्यायालयी प्रक्रिया की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

उनकी मॉनिटरिंग का उद्देश्य साफ है—अपराधी केवल गिरफ्तार होकर जेल न जाए, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से उसे उसके अपराध की सजा भी मिले। यही वजह है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत लंबे समय से लंबित गंभीर मामलों में भी पुलिस की सक्रियता दिखाई दे रही है।

इस कार्रवाई में एसपीओ भूपेंद्र सिंह, विवेचक पुलिस अधिकारी आशुतोष द्विवेदी, प्रभारी मॉनिटरिंग सेल धर्मेंद्र कुमार, कोर्ट पैरोकार अंकुर वालियान और मॉनिटरिंग सेल के कांस्टेबल दीपक मान की भूमिका भी उल्लेखनीय रही।

ऑपरेशन कन्विक्शन के जरिए आगरा पुलिस का यह प्रयास अपराधियों को सजा दिलाने के साथ-साथ पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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