500 से अधिक बोन्साई पौधों से सजा ईएलएफ गार्डेनिया, महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने किया भ्रमण
15 प्रजातियों के बोन्साई में दिखी प्रकृति, कला और धैर्य की अनूठी तस्वीर, महिलाओं-बालिकाओं को मिल रहा कौशल विकास और आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
आगरा। मदिया कटरा स्थित ईएलएफ गार्डेनिया शनिवार को प्रकृति, कला और महिला सशक्तिकरण के अनूठे संगम का साक्षी बना। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने ईएलएफ गार्डेनिया का भ्रमण कर यहां विकसित किए गए अनूठे बोन्साई गार्डन का अवलोकन किया। 500 से अधिक बोन्साई पौधों से सजे इस गार्डन की खूबसूरती और इसकी संकल्पना ने उन्हें खासा प्रभावित किया।
ईएलएफ गार्डेनिया में 15 विभिन्न प्रजातियों के 500 से अधिक बोन्साई पौधे संग्रहित हैं। छोटे आकार में विकसित इन पौधों में प्रकृति की खूबसूरती के साथ धैर्य, अनुशासन और रचनात्मकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। डॉ. बबीता चौहान ने गार्डन का भ्रमण करते हुए संस्था की इस पहल की सराहना की और इसे प्रकृति संरक्षण तथा हरित कलाओं को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय प्रयास बताया।
महिलाओं और बालिकाओं को हुनर से आत्मनिर्भर बनाने की पहल
ईएलएफ गार्डेनिया की मेंटर प्रो. डॉ. सुमिता डोडिया के मार्गदर्शन में महिलाओं और बालिकाओं को कौशल विकास से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यहां बोन्साई, इकेबाना सहित विभिन्न हरित कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनकी रचनात्मक प्रतिभा से परिचित कराने के साथ ही उसे कौशल और संभावित आजीविका के अवसरों से जोड़ना है।
संस्था में बालिकाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके माध्यम से उनमें सुरक्षा की भावना के साथ आत्मविश्वास और आत्मसम्मान विकसित करने पर जोर दिया जाता है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रही बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
बोन्साई से आत्मनिर्भरता तक का सफर
ईएलएफ गार्डेनिया की पहल केवल पौधों को सुंदर आकार देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं में धैर्य, सृजनशीलता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रो. डॉ. सुमिता डोडिया का उद्देश्य है कि रचनात्मक कलाओं को कौशल विकास से जोड़कर महिलाओं को अपने हुनर की पहचान कराने और आर्थिक रूप से सक्षम बनने की दिशा में अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
डॉ. बबीता चौहान ने संस्था की गतिविधियों का अवलोकन करते हुए महिलाओं और बालिकाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे इन प्रयासों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल महिलाओं और बालिकाओं को हुनर, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डॉ. बबीता चौहान का ईएलएफ गार्डेनिया भ्रमण संस्था के प्रयासों के लिए प्रोत्साहन का संदेश लेकर आया। प्रकृति की हरियाली के बीच सजे सैकड़ों बोन्साई पौधे जहां पर्यावरण और कला का संदेश दे रहे हैं, वहीं महिलाओं और बालिकाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने और नई पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।