आगरा:-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), आगरा में माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए कवच मॉड्यूल आधारित सुरक्षा एवं संरक्षा विषयक तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में विभिन्न विकास क्षेत्रों के 94 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को विद्यालय में सुरक्षित वातावरण विकसित करने, आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं संरक्षा के प्रति जागरूक और सक्षम बनाना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान अग्निशमन विभाग की टीम ने अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। यातायात विभाग की ओर से पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी।प्रशिक्षण सह प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने आपदा प्रबंधन के तहत भूकंप, सर्पदंश, बाढ़ सहित साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने शिक्षकों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए और किसी भी संदिग्ध एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। सोशल मीडिया के इस्तेमाल के दौरान भी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षण में आग लगने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में बरती जाने वाली सावधानियों, अग्निशमन उपकरणों के उचित उपयोग, साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा प्राकृतिक एवं मानवजनित आपदाओं के दौरान प्रभावी प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विषयों पर समूह चर्चा के माध्यम से भी शिक्षकों को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई।प्रशिक्षण के नोडल प्रभारी संजीव कुमार सत्यार्थी ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी के लिए सुरक्षित, संरक्षित और भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण संस्थान भी है। उन्होंने विद्यालय स्तर पर सुरक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समन्वित कार्रवाई के लिए शिक्षकों को तैयार रहने पर जोर दिया।
डायट प्राचार्य विजय प्रताप सिंह ने कहा कि कवच मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को विद्यालयी सुरक्षा के विभिन्न आयामों की जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल को शिक्षक अपने विद्यालयों में व्यवहार में लाएं, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुकी है और शिक्षकों को स्वयं जागरूक होने के साथ विद्यार्थियों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करना चाहिए।वरिष्ठ प्रवक्ता ललित मोहन पाल एवं विजय सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण में विद्यालय स्तर पर सुरक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करने, साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाने और आपदा की स्थिति में प्रभावी एवं समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण से स्वयं लाभान्वित होकर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को भी सुरक्षा के प्रति जागरूक कर सकते हैं।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। डायट आगरा ने इस प्रकार के प्रशिक्षणों को विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और शिक्षकों के व्यावसायिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम का संचालन डॉ. मनोज कुमार वार्णेय ने किया। इस अवसर पर प्रवक्ता संजीव कुमार सत्यार्थी, यशवीर सिंह, हिमांशु सिंह, कल्पना सिन्हा, लक्ष्मी शर्मा, रचना यादव, यशपाल सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, धर्मेंद्र प्रसाद गौतम सहित सभी प्रतिभागियों का सहयोग रहा।