राजा की मंडी में फिर हादसा, मेनहॉल पर रखे पत्थर से टकराकर एक्टिवा सवार महिला-पुरुष गिरे
10 दिन में दूसरी घटना, पहले खुला मेनहॉल बना था खतरा, अब ऊंचा पत्थर भी बन रहा हादसे की वजह; स्थानीय दुकानदारों में आक्रोश
आगरा। शहर की व्यस्त राजा की मंडी में एक मेनहॉल राहगीरों के लिए लगातार मुसीबत बनता जा रहा है। रविवार को मेनहॉल के ऊपर रखे ऊंचे पत्थर से टकराकर एक्टिवा सवार महिला-पुरुष सड़क पर गिर गए। हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है। गनीमत रही कि दोनों को गंभीर चोट नहीं आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 10 दिनों में इसी मेनहॉल के कारण यह दूसरी दुर्घटना है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार को एक महिला और पुरुष एक्टिवा से राजा की मंडी क्षेत्र से गुजर रहे थे। इसी दौरान मेनहॉल के ऊपर रखे पत्थर से एक्टिवा टकरा गई। अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और दोनों सड़क पर गिर पड़े। एक्टिवा से महिला के गिरते ही आसपास मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े और दोनों को संभाला।
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 10 दिन पहले भी इसी स्थान पर बाइक सवार पति-पत्नी हादसे का शिकार हो चुके हैं। मेनहॉल से टकराकर उनकी बाइक भी असंतुलित होकर गिर गई थी, जिसमें दोनों को चोटें आई थीं।
पहले खुला था मेनहॉल, अब पत्थर बना खतरा
स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, यह मेनहॉल पहले खुला हुआ था और उसकी वजह से भी आए दिन हादसे होते थे। करीब 10 दिन पहले हुई दुर्घटना के बाद मेनहॉल को बंद करने के लिए उसके ऊपर एक पत्थर रख दिया गया। लेकिन पत्थर सही तरीके से जमीन के बराबर न होने के कारण अब वही राहगीरों के लिए खतरा बन गया है।
दुकानदारों का कहना है कि व्यस्त बाजार होने के कारण यहां दिनभर दोपहिया वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के बीच बने मेनहॉल को महज पत्थर रखकर बंद कर देना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। थोड़ी सी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है।
दुकानदारों ने की स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय व्यापारियों ने संबंधित विभाग से मेनहॉल को जल्द से जल्द सही तरीके से बंद कराने और सड़क के बराबर कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार हो रहे हादसों के बावजूद यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो किसी दिन गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
रविवार को हुई घटना के लाइव वीडियो ने भी मेनहॉल की स्थिति और उससे पैदा हो रहे खतरे को सामने ला दिया है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग कब इस समस्या का स्थायी समाधान करता है।