आंबेडकर विवि में छात्रों का फूटा गुस्सा, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर चस्पा किए ‘लापता’ के पोस्टर - समाचार RIGHT

BREAKING NEWS

गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026

आंबेडकर विवि में छात्रों का फूटा गुस्सा, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर चस्पा किए ‘लापता’ के पोस्टर

आंबेडकर विवि में छात्रों का फूटा गुस्सा, परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर चस्पा किए ‘लापता’ के पोस्टर

रिजल्ट की गड़बड़ियों से नाराज बीए और बीए-एलएलबी के छात्र धरने पर बैठे, 10 से 15 अंक कम करने, अनुपस्थित दिखाने और लंबित परिणामों के लगाए आरोप

आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर बुधवार को छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। बीए और बीए-एलएलबी के विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। अधिकारी के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर छात्र वहीं धरने पर बैठ गए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आक्रोशित विद्यार्थियों ने कार्यालय के गेट पर ‘परीक्षा नियंत्रक लापता हैं’ लिखे पोस्टर भी चस्पा कर दिए। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में छात्रों ने लंबित परिणाम जारी करने के साथ ही रिजल्ट में हुई कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग उठाई।

छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों से जुड़ी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन शिकायतों का समय पर समाधान नहीं हो रहा। किसी छात्र के घोषित परिणाम में अंक कम होने की शिकायत है तो कहीं परीक्षा देने के बावजूद विद्यार्थियों को अनुपस्थित दर्शाया गया है। कई छात्रों के परिणाम अब तक लंबित हैं, जबकि उनसे आगे के सेमेस्टर का परिणाम जारी हो चुका है। छात्रों का कहना है कि इन गड़बड़ियों के चलते उनकी पढ़ाई, अगली कक्षा में प्रवेश और शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की स्थिति बन रही है।

दोबारा रिजल्ट में 10 से 15 अंक कम करने का आरोप

छात्र नेता अंकुश गौतम ने बीए-एलएलबी के परिणामों को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि हाल ही में दोबारा जारी किए गए परिणाम में कई विद्यार्थियों के अंक पहले घोषित परिणाम की तुलना में 10 से 15 अंक तक कम हो गए। छात्रों के अनुसार पहले कुछ विद्यार्थियों को प्रमोट दिखाया गया था, लेकिन संशोधित परिणाम आने के बाद कुछ छात्र फेल हो गए।

विद्यार्थियों ने मांग की कि पहले और बाद में जारी किए गए परिणामों का मिलान कराया जाए और अंकों में अंतर के कारणों की जांच की जाए। छात्रों का कहना है कि यदि परिणाम तैयार करने या मूल्यांकन में किसी स्तर पर त्रुटि हुई है तो उसे तत्काल ठीक किया जाना चाहिए, क्योंकि इसका सीधा असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ सकता है।

चौथा सेमेस्टर जारी, तीसरे का अब तक इंतजार

बीए 2024 बैच के छात्रों ने भी परिणामों के क्रम को लेकर सवाल उठाए। विद्यार्थियों के मुताबिक, उनका तृतीय सेमेस्टर का परिणाम अभी तक जारी नहीं हुआ है, जबकि चतुर्थ सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित किया जा चुका है। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने के बावजूद कई विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों में अनुपस्थित दर्शाया गया है।

छात्रों ने परीक्षा में उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने और उत्तर पुस्तिकाओं एवं परीक्षा संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराने की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा देने के बावजूद अनुपस्थित दिखाए जाने से विद्यार्थियों के परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

बीए 2025 बैच का पहला सेमेस्टर अटका, दूसरा जारी

बीए 2025 बैच के विद्यार्थियों ने भी प्रदर्शन में अपनी समस्याएं रखीं। छात्रों का कहना है कि प्रथम सेमेस्टर का परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया है, जबकि द्वितीय सेमेस्टर का रिजल्ट घोषित हो चुका है। विद्यार्थियों ने घोषित परिणाम में गलत सीजीपीए और अन्य विसंगतियों की शिकायत भी की।

छात्रों की मांग है कि लंबित परिणाम जल्द जारी किए जाएं और जारी हो चुके परिणामों में दर्ज त्रुटियों की भी जांच कर उन्हें दुरुस्त किया जाए। विद्यार्थियों ने परिणाम संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए समयबद्ध व्यवस्था बनाने की मांग की है।

1100 रुपये देकर दोबारा परीक्षा, फिर भी NQ

प्रदर्शन के दौरान सह-पाठ्यक्रम परीक्षा के परिणामों को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए। बीए 2024 बैच के विद्यार्थियों के मुताबिक, कई छात्रों को पहले परिणाम में NQ यानी ‘नॉट क्वालिफाइड’ दिखाया गया था। इसके बाद परिणाम में सुधार की उम्मीद में छात्रों से दोबारा परीक्षा के लिए प्रति विद्यार्थी 1100 रुपये शुल्क जमा कराया गया।

छात्रों का आरोप है कि दोबारा परीक्षा देने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बावजूद कई विद्यार्थियों के परिणाम में फिर से NQ दर्ज है। विद्यार्थियों ने सवाल उठाया कि जब दोबारा परीक्षा कराई गई तो उसके परिणाम में सुधार क्यों नहीं हुआ। छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने, परीक्षा रिकॉर्ड का सत्यापन करने और पात्र विद्यार्थियों के परिणाम दुरुस्त करने की मांग की।

दो घंटे धरने पर बैठे छात्र, समाधान की मांग

परीक्षा नियंत्रक कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर जमकर नारेबाजी की। अधिकारी के मौजूद नहीं होने पर नाराज विद्यार्थियों ने कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया और ‘परीक्षा नियंत्रक लापता हैं’ लिखे पोस्टर चस्पा कर दिए। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में छात्रों ने कहा कि परिणामों में देरी और कथित गड़बड़ियों के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है।

विद्यार्थियों ने बीए और बीए-एलएलबी के संबंधित परिणामों की जांच कराने, गलत अंक और सीजीपीए दुरुस्त करने, परीक्षा देने वाले छात्रों को गलत तरीके से अनुपस्थित दिखाए जाने की शिकायतों का सत्यापन कराने, लंबित परिणाम जल्द जारी करने तथा दोबारा परीक्षा शुल्क से जुड़े मामले में उचित निर्णय लेने की मांग की।

अब छात्रों की निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए, ताकि परिणामों को लेकर बनी अनिश्चितता दूर हो और किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो।

video

Pages