रिपोर्ट:-राजेश तौमर
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| फोटो राजेश तौमर |
कलयुगी बहू के आतंक से परेशान वृद्व दम्पति ,झूठे आरोप में फसाने की देती है धमकी,दम्पति न्याय के लिए भटक रह
जनपद आगरा :-आगरा में एक वृद्ध दम्पति कलयुगी बहू के आतंक के चलते घर छोड़ने को मजबूर हो गए है वही दम्पति का पुत्र भी पत्नी के आतंक से काफी परेशान है पुलिस शिकायत करने के बाद पुलिस ने पीड़ित को बिना बुलाये उक्त महिला के पक्ष में आख्या लगा मामले की इतिश्री कर दिया।
मामला न गिरीश चंद उम्र 60 बर्ष व उनकी वृद्ध पत्नी शंभु नगर सती नगर थाना एत्माद्दौला निवासी ने अपने बड़े पुत्र मुकेश का विवाह सावित्री उर्फ प्रीति पुत्री मटरे लाल निवास जी-87 ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस टू रामबाग आगरा के साथ दिनांक 21/4/ 2018 को बिना किसी दान दहेज के संपन्न हुई थी। शादी के बाद से ही पीड़ित की बहु सावित्री खुश नहीं थी आए दिन किसी न किसी बात पर अपने पति मुकेश व उसके वृद्ध मां बाप से झगड़ा फसाद गाली-गलौज व मारपीट करने लगी। और झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी जो आज तक जारी है पीड़ित के समझाने पर भी बहू सावित्री अपने बूढ़े सास सुसर को घर से निकालने और घर में अकेली रहने की बात करती और बात नहीं मानने पर जहर खाकर जान देने की धमकी देती और कहती कि तुम लोगो को जिंदगी भर जेल में भेजने की धमकी देती है। पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत उक्त महिला के मायके व रिस्तेदारों से की लेकिन नही मानी और उसका आतंक बढ़ता गया।पीड़ित मारपीट झूठे केस में फंसाने की धमकी के संबंध में अधिकारियों से शिकायत की तो मामले की जांच स्थानीय थाने में भेज दी जहा पुलिस ने पीड़ित की बिना बात सुने व बिना जांच के शिकायत पत्र पर आख्या लगा अधिकारियों को भेज दी जबकि पीड़ित का कहना है कि हमारे एक पुत्री व पुत्र अभी अविवाहित है उनको लेकर कहा जाए। वृद्धावस्था के चलते कोई काम नही कर सकते बड़ा पुत्र ही उनके भरण पोषण की जिम्मेदारी सम्भालता है। दोबारा शिकायत करने पर पीड़ित को महिला थाने बुलबाया जहां महिला पुलिस ने भी बिना किसी जांच के वृद्ध दम्पति व उसके पुत्र को अलग रहने व अविवाहित नाबालिग बच्चों से काम कराने का तुगलकी फरमान कर दिया। उसके बाद पीड़ित की बहू अपने भाई के साथ मायके चली गई लेकिन वहां से भी फोन द्वारा लगातार पीड़ित को मानसिक उत्पीड़न के साथ उन्हें झूठे मुकद्दमे में फंसने की लगातार धमकियां मिल रही है। लेकिन तीसरी बार शिकायत के बाद भी पीड़ित को न्याय नही मिला पीड़ित परिवार बहू के आतंक से निजात पाने व न्याय के लिए दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है व बहुत ही भय में है। लेकिंन अभी न्याय नही मिल रहा।
