जो इंसान संघर्ष से परिचित नही होता इतिहास गवाह है वो कभी चर्चित भी नही होता-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।
उत्तरप्रदेश के जिला बुलन्दशहर के चौबीसा यादव बाहुल्य एरिया के गांव मनोबास निवासी जिस लज्जे उर्फ लख्मीचंद यादव के आक्रामक रूप को देखकर पढ़ाई वक्त में कॉलेज के प्रधानाचार्य तक भी हाथ जोड़कर खड़े हो जाते थे जिस लज्जे उर्फ लख्मीचंद के प्रभाव के सामने प्राइवेट व सरकारी बसों पिक्चर होलो में भी टिकिट नही बनते थे जिस लज्जे उर्फ लख्मीचंद यादव के सामने बड़े बड़े हिस्ट्रीशीटर भी खोफ खाते थे आज वही लज्जे उर्फ लख्मीचंद देश मे इतना मसहूर हो गया की जिससे हर कोई मिलना चाहता हैं जिससे हर कोई बात करना भी चाहता हैं और जिसको हर कोई धन्यवाद करना भी चाहता है ये आस्चर्य नही तो और क्या है।
दोस्तो हम जिस अखिलेश यादव जी का कभी कभी विरोध कर देते हैं हम उसी अखिलेश यादव से हर रोज किसी न किसी अभागे लाचार बेबस को भी मिलवाते रहते है उनके कस्ट दूर करवाते रहते हैं।
हमारा काम करने का अंदाज थोड़ा अलग है इस लिए हमारी बात को भी कोई टालता नही है हर कोई हमारी बात का सम्मान करता है।
हम समझते हैं अगर कोई भी इंसान ईमानदारी से सच्चाई की लग्न से समाजवाद के मार्ग चलकर बिना राजनीत किए चले तो वह हर बड़ी कामयाबी को भी कर सकता हैं हासिल ये हमारा खुद का देखा परखा अनुभव कहता है।
आज सच मे देश मे हर जगह हमारे नाम को लेकर भी चर्चा है।
एक दफा खुद देश के मसहूर बॉलीवुड एक्टर श्री राजपाल यादव जी जब हमसे पहली बार मिले तो वह खुद हमसे ये बात कहने लगे लख्मी भाई मेरा ये सौभाग्य है आज आपसे हमारी मुलाकात हुई दोस्तो जब ऐसे ऐसे धनाड्य लोग हमसे ये बात खुद ही कह रहे हैं इसका मतलब हमारा रास्ता सही दिशा की और जा रहा हैं।
आप सबका प्यार आप सबका विस्वास व आप सबका साथ हम पर इसी तरह बना रहा तो हम एक दिन अवश्य रचेंगे इतिहास।
कुछ लोग दिखावे के लिए अच्छे बनकर दिखाते हैं लेकिन अंदर से वो काले नाग की तरह बहुत जहरीले होते हैं जो अपनो को ही जो अपने साथ वालो को ही मौका पड़ते ही डश जाते हैं जो डश कर डकार तक भी नही लेते लेकिन वो जालिम लोग ये बात भूल जाते हैं की उनकी काली करतूत उनकी हरकते ऊपर वाले के सीसीटीवी कैमरे में हो रही है कैद जिनको ऊपर वाला दंड भी अवश्य देता है वही अच्छे कर्म करने वाले लोगो का ऊपर वाला हमेशा साथ भी देता है जैसे हमारा साथ ऊपर वाला दे रहा है हमे क्या से क्या ऊपर वाले ने ही बना दिया नही तो हम थे ही क्या।
नाम और पहचान भले ही छोटी सी हों,मगर खुद की हो तभी आप जग में अपने नाम से पहचाने जाएंगे
संघर्ष और जनसेवा हैं हमारा लक्ष्य।
इंजीनियर लख्मीचंद यादव राष्ट्रिय अध्यक्ष भारतीय जनसेवा मिशन सम्पर्क-9927530581।
