जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा के उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य डॉ. आई.पी.एस. सोलंकी द्वारा विद्यालयों का निरीक्षण किया गया
आगरा:-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा के उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य डॉ. आई.पी.एस. सोलंकी द्वारा सोमवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय खेड़िया, प्राथमिक विद्यालय खेड़िया, बीआरसी मलपुरा एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मलपुरा का निरीक्षण किया गया। उच्च प्राथमिक विद्यालय खेड़िया जोकि उपशिक्षा निदेशक जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान आगरा द्वारा गोद लिया गया है के निरीक्षण के समय समय सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए तथा प्रधानाध्यापक ने अवगत कराया कि डीवीटी का कार्य पूर्ण हो चुका है 101 छात्रों के सापेक्ष 69 छात्र छात्राएं उपस्थित पाए गए । पीने के पानी की व्यवस्था ना होने पर उन्होंने शीघ्र ही मुख्य विकास अधिकारी के माध्यम से इस समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। छात्र-छात्राओं का स्तर अच्छा होने पर विद्यालय के शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए प्राचार्य ने कहा कि हमें इसी प्रकार कार्य करना चाहिए जो अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा का कार्य करे। प्राथमिक विद्यालय खेड़िया अकोला में निरीक्षण के समय 4 शिक्षक के सापेक्ष 2 शिक्षक उपस्थित पाए गए। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि शालिनी सिंह सी.सी.एल पर एवं श्यामवीर सिंह बीआरसी पर प्रशिक्षण पर गए हुए हैं उपस्थित स्टाफ को दीक्षा एप, रीड एलांग एप प्रेरणा लक्ष्य सहित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करने के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मलपुरा में निरीक्षण के समय कार्यरत 6 शिक्षकों, एक लेखाकार, दो रसोईया व दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सापेक्ष 3 शिक्षक, एक लेखाकार, एक मुख्य रसोइया तथा दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित पाए गए प्रधानाध्यापिका भावना सिंह, भूरी कुमारी छोंकर एवं सारिका खत्री आकस्मिक अवकाश पर हैं निरीक्षण के समय पंजीकृत 100 बालिकाओं के सापेक्ष केवल 11 बालिकाएं उपस्थित पाई गई बालिकाओं की शैक्षिक गुणवत्ता भी न्यून पाई गई तथा विद्यालय परिसर का रखरखाव भी ठीक नहीं था इस पर इस पर उप शिक्षा निदेशक ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रधानाध्यापिका को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। अंत में ब्लॉक संसाधन केंद्र मलपुरा अकोला पर चल रहे निपुण प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रतिभागियों से प्रश्नों के माध्यम से प्रशिक्षण व भोजन की गुणवत्ता के विषय में जाना साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों को को निपुण लक्ष्य प्राप्त करने हेतु कार्ययोजना बनाने एवं उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से कमजोर बच्चों को शिक्षण करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपचारात्मक शिक्षण बच्चों को मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम है। बीआरसी मलपुरा पर उपस्थित स्टाफ को पुस्तकों के शीघ्र वितरण आधार से डीवीटी का कार्य शत-प्रतिशत कराने के निर्देश प्रदान किए गए । उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ छात्र-छात्राओं को समय पर प्राप्त हो इसके लिए हम सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है ।