राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह, सिरौली मलपुरा, आगरा का औचक निरीक्षण किया गया।
आगरा-सचिव, अपर जिला जज/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डा0 दिव्यानंद द्विवेदी ने अवगत कराया है कि उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशानिर्देश पर, मा० जनपद न्यायाधीश विवेक संगल के मार्गदर्शन में आश्रय गृह निरीक्षण समिति की अध्यक्षा सुश्री नसीमा ख़ानम, सदस्यगण/अपर जनपद न्यायाधीशगण, श्रीमती शिप्रा आर्य, कनिष्क सिंह, डॉक्टर दिव्यानंद द्विवेदी, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा व सुश्री गरिमा सक्सेना, न्यायिक मजिस्ट्रेट, आगरा द्वारा सर्वप्रथम राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह, सिरौली मलपुरा, आगरा का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी अधीक्षक अनुपस्थित रहे। उपस्थित कर्मचारी द्वारा बताया गया कि प्रभारी अधीक्षक अवकाश पर चल रहे है। समिति के द्वारा पाकशाला का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाकशाला में बहुत गंदगी पाई गई। किशोरो को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता अच्छी नहीं पाई गई जैसे दूध, दाल एवं अन्य खाद्य सामग्री। खाद्य सामग्री के दिए जाने के संबंध में पूछा गया तो उपस्थित कर्मचारी के द्वारा अवगत कराया गया कि हमको जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं प्रभारी अधीक्षक के द्वारा जिस प्रकार की खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जाती है वैसा ही किशोरों को दिया जाता है। इसके बाद किशोरों के कक्षों का निरीक्षण किया गया तो किशोरों के पलंग के नीचे ब्लेड पाया गया, कक्षों की खिड़कियों की सीटे टूटी हुई पाई गई, कूलर टूटे हुए पाए गए, किशोरों के कक्षों में बहुत ही दुर्गंध आ रही थी। किशोरों के शौचालय की तरफ कूड़ा अस्त-व्यस्त एवम फैला हुआ पाया गया, दीवारों में गुटके की पिक पाई गई, बिल्डिंग की दीवारों से सीमेंट झड़ता हुआ पाया गया, एवं समस्त ऑनलाइन एवं ऑफलाइन सीसीटीवी कैमरे के मॉनिटर भी बंद अवस्था में पाए गए। निरीक्षण के दौरान विद्युत/लाइट बंद थी उपरोक्त के संबंध में उपस्थित कर्मचारी से पूछा गया तो कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। यह भी पूछा गया कि विद्युत चले जाने के उपरांत क्या किया जाता है तो उपस्थित कर्मचारी के द्वारा अवगत कराया गया कि संस्था में 6 इनवर्टर उपलब्ध है किरतु बहुत समय से खराब पढ़े हुए हैं इस संबंध में समिति की अध्यक्षा के द्वारा यह कहा गया कि इनवर्टरो को अभी तक दुरुस्त क्यों नहीं कराया गया है व संबंधित को सूचित क्यों नहीं किया गया है तो इस संबंध में उपस्थित कर्मचारी के द्वारा कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित किशोरों से भी पूछताछ एवं वार्तालाप की गई तो किशोरों ने बताया कि हम लोगों को गर्म पानी दिया जाता है जो कि वह फिल्टर पानी नहीं होता है तथा रात में कभी-कभी बहुत देर तक लाइट/विद्युत चली जाती है तो बहुत ही समस्या होती है। किशोरों ने कई समस्याओं से अवगत कराया गया जिसके संबंध में
उपस्थित कर्मचारियों से पूछा गया तो कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। संस्था में पूर्व माह में एक रोटी बनाने वाली मशीन भी क्रय की गई थी जिसके सम्बन्ध में कर्मचारी के द्वारा खराब होना बताई गया। उपरोक्त समस्याओं को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी एवं प्रभारी अधीक्षक के द्वारा सम्यक रूप से संस्था की देखरेख व समय-समय पर निरीक्षण नहीं किया जा रहा है एवं समिति के द्वारा पूर्व माह में निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का भी अनुपालन न तो किया जाता है और न ही कराया जाता है। जो कि घोर लापरवाही एवं आपत्तिजनक है इस संबंध में समिति की अध्यक्षा के द्वारा जिलाधिकारी आगरा एवं अन्य उच्चाधिकारी को पत्राचार के माध्यम से सूचित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समिति आश्रय के समिति के द्वारा प्रेम धान, प्रतापपुरा, आगरा का एवं बाल शिशु गृह/च्तमंकवचजपवद, सदर तहसील के निकट, आगरा का निरीक्षण किया गया।
आश्रय गृहों के निरीक्षण के दौरान संबंधित संस्था के संचालक/अधीक्षक/प्रभारी तथा कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त बाल शिशु/च्तमंकवचजपवद, गृह, आगरा का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित सहायक अधीक्षक द्वारा यह आग्रह किया गया कि संस्था में पिछले कई माह से कोई भी बाल चिकित्सक कार्यरत नहीं है। यदि किसी शिशु की तबीयत खराब होती है तो उसे म्उमतहमदबल में ले जाना पड़ता है। कभी कभी रात में म्उमतहमदबल होती है तो पूरी तरह से चिकित्सा उपचार नहीं मिल पाता है। इस संबंध में समिति की अध्यक्षा द्वारा उच्चस्तरीय पत्राचार का आश्वासन दिया गया।
----------------