खतरे के निशान के पास स्थिर हुईं गंगा,थमी यमुना की रफ्तार - समाचार RIGHT

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सोमवार, 16 सितंबर 2024

खतरे के निशान के पास स्थिर हुईं गंगा,थमी यमुना की रफ्तार

खतरे के निशान के पास स्थिर हुईं गंगा,थमी यमुना की रफ्तार


प्रयागराज।पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार भारी बारिश हो रही है।भारी बारिश से नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।सोमवार को गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी रही।बरहाल दोपहर 12 बजे गंगा फिलहाल स्थिर हो गई हैं और यमुना की रफ्तार भी थमी है।सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की बुलेटिन के मुताबिक फाफामऊ में गंगा 84.07 मीटर, छतनाग में में 83.41 मीटर पर बह रही हैं।  यमुना का जलस्तर नैनी में 83.91 मीटर रिकॉर्ड किया गया। 24 घंटे में गंगा में 21 और यमुना में 39 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।डेंजर लेबल 84.734 मीटर है। 

हरियाणा,पंजाब,दिल्ली,राजस्थान,मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हुई तो गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ गया।शुक्रवार सुबह फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 79.58 मीटर था, छतनाग में 78.10 मीटर और नैनी में यमुना का जलस्तर 79.35 मीटर था। शनिवार को गंगा उफान पर आ गई,जिससे संगम क्षेत्र डूब गया। किला की दीवार से होते हुए बांध के नीचे पानी भर गया। रात आठ बजे तक छतनाग में गंगा का जलस्तर 4.51 मीटर बढ़कर 82.61 मीटर हो गया है। 

इसके बाद यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा। यमुना की सहायक नदियां चंबल,केन और बेतवा भी उफान पर हैं।कई जिलों से होते हुए प्रयागराज में यमुना का पानी पहुंचा तो बाढ़ का रूप ले लिया।यमुना के सापेक्ष शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी हुई।यमुना का वेग इतना तेज था कि रात तक लेटे हनुमानजी डूब गए।सुबह तक मंदिर परिसर में कमर तक पानी भर गया।फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 3.34 मीटर बढ़कर 82.92 मीटर हो गया। वहीं नैनी में यमुना का जलस्तर 3.69 मीटर बढ़कर 83.03 मीटर हो गया।

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