आगरा साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजकर ठगी करने वाले दो शातिर गिरफ्तार
आगरा साइबर क्राइम पुलिस टीम ने व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के नाम देवेश यादव और आशीष रजक है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 02 मोबाइल फोन और 02 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं।
अभियुक्तों ने 70-80 बैंक खातों से चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड प्राप्त किए। उन्होंने 'गोल्डी' नामक व्यक्ति के साथ मिलकर लोगों को व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजी। लोकों के मोबाइल फोन पर प्राप्त होने वाले मैसेज का पूर्ण एक्सेस लेकर, उनके बैंक खातों से धनराशि ट्रॉन्सफर की गई। अब तक 80 से 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
साइबर क्राइम प्रभारी डीसीपी आदित्य ने बताया-साइबर, साइबर थाने में एक PNB के रिटायर्ड मैनेजर ने एक मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उनके साथ 15 लाख रूपए की ठगी की गई है। इसके बाद साइबर थाने ने एक टीम का गठन किया। दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि इंदौर का एक व्यक्ति है जो पूरे गैंग को चला रहा है। इनकी टीम में कई लोग है, जो भारत के कई राज्यों में है। ये फोन में APK फाइल से लोगों के साथ फ्रॉड करते है। देश के कई शहर से पैसों को इक्कट्ठा कर क्रिप्टोकरेंसी में कंवर्ट कर घटना को अंजाम देते है।