सड़क हादसों पर सख्ती: 27 अप्रैल से 10 दिन का विशेष अभियान, 710 लाइसेंस निलंबित
आगरा। मंडल में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप की अध्यक्षता में आयोजित मण्डलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबित करने और सड़क किनारे भारी वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही 27 अप्रैल से 10 दिन का विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में परिवहन और पुलिस विभाग द्वारा हेलमेट, सीटबेल्ट, मोबाइल फोन व ईयरफोन के उपयोग, गलत दिशा में वाहन चलाने, नशे में ड्राइविंग, ओवरस्पीडिंग और स्टंटिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में फिरोजाबाद और मैनपुरी में हेलमेट, सीटबेल्ट और मोबाइल फोन से जुड़े चालानों में करीब 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
चारों जनपदों की समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2026 की पहली तिमाही में मैनपुरी, आगरा और मथुरा में सड़क सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है, जबकि फिरोजाबाद में हालात चिंताजनक पाए गए। इस पर मंडलायुक्त ने फिरोजाबाद में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए सड़क सुरक्षा मित्र योजना के तहत आगरा में 13, फिरोजाबाद में 11, मैनपुरी में 9 और मथुरा में 12 स्वयंसेवकों को सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। वहीं, आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा में ‘जीरो फेटेलिटी डिस्ट्रिक्ट’ कार्यक्रम लागू करते हुए अधिक दुर्घटना वाले क्षेत्रों में ‘क्रिटिकल कॉरिडोर टीम’ गठित की गई है, जो ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, अवैध कटान बंद कराने और सड़क सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने पर काम कर रही है।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि सड़क हादसों में सबसे ज्यादा जान गंवाने वालों में पैदल यात्री और दोपहिया वाहन चालक शामिल हैं। इसके मद्देनजर तहसील और ब्लॉक स्तर पर रोड सेफ्टी क्लब कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जनवरी से 15 अप्रैल 2026 तक 3569 स्कूल वाहनों की जांच की जा चुकी है। कई स्कूलों द्वारा वाहनों की तकनीकी स्थिति से संबंधित शपथ पत्र पोर्टल पर अपडेट न करने पर बीएसए और डीआईओएस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले दो महीनों में आगरा मंडल में कुल 710 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जिनमें आगरा के 250, फिरोजाबाद के 98, मैनपुरी के 97 और मथुरा के 265 लाइसेंस शामिल हैं। वहीं 7338 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 18.46 करोड़ रुपये का शुल्क वसूला गया है।
मंडल के चारों जनपदों में 220 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा रिस्पॉन्स की भी समीक्षा की गई, जिसमें घटनास्थल पर समय से एंबुलेंस पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा के प्रति लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।