आगरा में प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग तेज, एडीएम से मिला प्रतिनिधिमंडल
आगरा में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का प्रतिनिधिमंडल जनपद के प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलने गया, जहां उन्हें अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से वार्ता करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम कार्यालय में पहुंचकर इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।
परिषद की ओर से स्पष्ट रूप से प्रस्ताव रखा गया कि प्रधानाचार्यों को जनगणना जैसी अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त रखा जाए, ताकि वे विद्यालय संचालन और शैक्षिक व्यवस्थाओं पर पूरा ध्यान दे सकें। इस दौरान परिषद ने अपने पक्ष में आवश्यक तर्क और तथ्य भी प्रस्तुत किए।
बैठक में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि माध्यमिक शिक्षा के सभी शिक्षकों के नाम जनगणना ड्यूटी के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा प्रशासन को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। इस पर अपर जिलाधिकारी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को एक-दो दिन में स्पष्टीकरण के लिए तलब किया है।
एडीएम ने निर्देश दिया कि सभी प्रधानाचार्य अपने-अपने विद्यालयों के उन शिक्षकों का पूरा विवरण उपलब्ध कराएं, जिनकी ड्यूटी केवल इस वजह से नहीं लग पाई क्योंकि उनके नाम प्रशासन तक नहीं पहुंचे। मांगी गई जानकारी में शिक्षक का नाम, खाता संख्या, बैंक का नाम और मोबाइल नंबर शामिल हैं।
निर्देशानुसार यह समस्त सूचना तीन दिनों के भीतर व्यक्तिगत रूप से अपर जिलाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी। एडीएम ने आश्वासन दिया कि सूचना प्राप्त होने के बाद जनपद के प्रधानाचार्यों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष नरेन्द्र कुमार लवानियाँ, महामंत्री डॉ. मौ. जमीर, ममता दीक्षित, अविनाश जैन, जोयस साइलस, प्रीति नागपाल, रामनाथ तिवारी, निखिलेन्द्र जैन सहित अन्य प्रधानाचार्य मौजूद रहे।