हनुमान जयंती पर सीकरी चार हिस्सा में भव्य शोभायात्रा, भक्ति और उत्साह से गूंजा गांव
आगरा/फतेहपुर सीकरी। हनुमान जयंती के पावन अवसर पर 30 मार्च 2026 को ग्राम पंचायत सीकरी चार हिस्सा में हर वर्ष की भांति इस बार भी भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। श्रद्धा, उत्साह और भक्ति से ओत-प्रोत इस आयोजन ने पूरे गांव को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
शोभायात्रा का शुभारंभ गांव के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर बगीची से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यह यात्रा पूरे गांव के परिक्रमा मार्ग से होकर पुनः हनुमान बगीची पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
स्वरूपों की आरती के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष प्रशांत पौनिया और ब्लॉक प्रमुख गुड्डू चाहर ने संयुक्त रूप से स्वरूपों की आरती कर किया। इसके बाद शोभायात्रा को विधिवत रवाना किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने फूल-मालाओं और जयकारों के साथ यात्रा का स्वागत किया। मुख्य अतिथियों का स्वागत प्रमोद गोला, अनिल लोधी और संतोष बघेल ने किया।
झांकियों ने मोहा मन, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान जी के स्वरूपों से सजी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। गांव की गलियों में जब शोभायात्रा निकली, तो हर ओर भक्ति और उल्लास का माहौल नजर आया। महिलाएं मंगल गीत गाते हुए शामिल हुईं, वहीं युवाओं ने जोशीले जयकारों से वातावरण को ऊर्जावान बनाए रखा। बच्चे और बुजुर्ग भी पूरे उत्साह के साथ यात्रा का हिस्सा बने।
प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
शोभायात्रा का समापन ब्राह्मण मोहल्ला स्थित हनुमान बगीची में हुआ, जहां श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने हनुमान जी के दर्शन कर परिवार और गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन के अंत तक गांव में धार्मिक उल्लास का वातावरण बना रहा।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस अवसर पर क्षेत्र के कई प्रमुख लोग मौजूद रहे, जिनमें बंटी सिसोदिया (प्रधान), पंडित राजू शर्मा, गोपाल शर्मा, विनोद गोयल, हेतराम बघेल (पूर्व प्रधान), महावीर सिंह वर्मा, मिथुन राजपूत, ठाकुर रतन सिंह, यशपाल लोधी, ओ.पी. कुशवाहा, महावीर कुशवाह, शैलेंद्र सिकरवार और अशोक ठेकेदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
सामाजिक एकता का संदेश
यह शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक भी बनी। गांव के हर वर्ग और हर आयु के लोगों ने इसमें भाग लेकर यह संदेश दिया कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम होते हैं।
हनुमान जयंती पर आयोजित यह भव्य शोभायात्रा गांववासियों के लिए लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।