आगरा मंडल में जमीन की पैमाइश होगी हाईटेक, जीपीएस रोवर मशीन से होगा सीमांकन
आगरा मंडल में राजस्व व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब जमीन की पैमाइश पारंपरिक तरीकों के बजाय जीपीएस आधारित रोवर मशीन के जरिए की जाएगी। इस नई तकनीक से लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार और अन्य राजस्व कर्मी जमीन का सटीक सीमांकन कर सकेंगे।
मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने स्पष्ट किया कि इस तकनीक के उपयोग से मानवीय त्रुटि की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी और वर्षों से लंबित भूमि विवादों के समाधान में तेजी आएगी। शासन के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य पैमाइश प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है।
इसी क्रम में मंडलायुक्त कार्यालय स्थित सभागार में 22 से 24 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। पहले दिन आगरा जनपद के राजस्व कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया, दूसरे दिन मथुरा के लेखपाल, कानूनगो और तहसीलदारों ने रोवर मशीन के संचालन की बारीकियां सीखीं, जबकि तीसरे दिन फिरोजाबाद और मैनपुरी के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने रोवर मशीन का लाइव डेमो प्रस्तुत करते हुए बताया कि फील्ड में मशीन का इंस्टॉलेशन, सेटिंग और जीपीएस कनेक्टिविटी के जरिए जमीन की सटीक पैमाइश कैसे की जाएगी। साथ ही डेटा कलेक्शन और तकनीकी संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई।
मंडलायुक्त ने कहा कि पारंपरिक पैमाइश में अक्सर विवाद की स्थिति बनती थी, लेकिन अब डिजिटल और जीपीएस आधारित सिस्टम से जमीन का सीमांकन अधिक सटीक और विश्वसनीय होगा। इससे न केवल राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार आएगा, बल्कि आम जनता को भी जमीन से जुड़े मामलों में त्वरित और पारदर्शी समाधान मिल सकेगा।