फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए किया गया अनिवार्य - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026

फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए किया गया अनिवार्य

फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) को विभागों द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए किया गया अनिवार्य

कृषि विभाग एवं सहयोगी विभागों यथा उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, लघु सिंचाई इत्यादि की लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ किसान पहचान पत्र (फॉर्मर आईडी)के आधार पर दिए जाने का लिया गया है निर्णय

कृषकों के 06 से 15 अप्रैल, 2026 तक कैम्प लगाकर किसान पहचान पत्र बनाने का  चलाया जा रहा अभियान

सरकारी योजनाओं के लिए अब अनिवार्य हुई 'फार्मर आईडी', किसान भाई  15 अप्रैल तक अपनी ग्राम पंचायत या CSC केंद्र पर जाकर करवाएं पंजीकरण।

आगरा:-कृषि एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से भारत सरकार की ऐग्रीस्टैक योजना के अन्तर्गत कृषकों के किसान पहचान पत्र (फार्मर आईडी) बनाए जा रहे हैं। कृषकों के किसान पहचान पत्र तैयार किए जाने का कार्य शीर्ष प्राथमिकता पर किया जा रहा है तथा इस उद्देश्य से जनपद में दिनांक 6 से 15 अप्रैल, 2026 तक कैम्प लगाकर किसान पहचान पत्र बनाने का अभियान चलाया जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा भविष्य में प्रदान की जाने वाली प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्तों को उन्हीं कृषकों को प्रदान किया जाएगा, जिनके किसान पहचान पत्र जारी किए गए हों। राज्य सरकार द्वारा भी इसी नीति का अनुसरण करते हुए कृषि विभाग एवं सहयोगी विभागों यथा उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, लघु सिंचाई इत्यादि की लाभार्थी परक योजनाओं का क्रियान्वयन किसान पहचान पत्र के आधार पर किए जाने का निर्णय लिया गया है।
 प्रथम चरण में कृषि विभाग द्वारा अपनी लाभार्थी परक योजनाओं यथा उर्वरक, बीज, कीटनाशी एवं अन्य इनपुट के वितरण व लाभार्थियों के चयन में फॉर्मर आईडी को आधार बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर क्रय किए जाने वाले कृषि उत्पाद (गेंहूँ/ धान/दालें / सरसों इत्यादि) के क्रय के लिए भी फॉर्मर आईडी भी अनिवार्य रहेगा तथा क्रय केन्द्र पर कृषकों से खरीद से पूर्व उनकी फॉर्मर आईडी पहचान पत्रों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। 

द्वितीय चरण में अन्य विभागों द्वारा भी किसान पहचान पत्र/फॉर्मर आईडी के आधार लाभार्थी परक योजनाओं में चयन / लाभ वितरण की कार्यवाही की जाएगी।
प्रदेश में अनुदानित रासायनिक उर्वरकों का वितरण कृषि विभाग द्वारा प्रदत्त आवण्टन के आधार पर सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक सहकारी समितियों (PACS) तथा निजी विक्रेताओं द्वारा केवल उन्हीं किसानों को किया जाएगा जिनका फार्मर आईडी पोर्टल पर सत्यापन पूर्ण हो चुका होगा। किसान भाई अपने नजदीकी ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित विशेष शिविरों (6-15 अप्रैल) या जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से फॉर्मर आईडी बनवा सकते हैं, उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) अनिवार्य कर दिया गया है।

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