आलू व्यापार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम बैठक, रेलवे रैक सुविधा पर मंथन
आगरा मण्डल में आलू उत्पादकों और व्यापारियों को बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। उप निदेशक उद्यान मुकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में रेलवे अधिकारियों और व्यापारियों के बीच प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर रैक सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि उत्तर प्रदेश शासन के स्तर से रेलवे बोर्ड को पत्र भेजकर आगरा, मथुरा और अलीगढ़ जैसे प्रमुख स्टेशनों से आलू को देश के अन्य राज्यों तक तेजी और व्यवस्थित तरीके से भेजने के लिए रैक की व्यवस्था किए जाने का अनुरोध किया गया है।
रेलवे अधिकारियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में यमुना ब्रिज स्टेशन से पूर्वोत्तर भारत के कई स्थानों तक आलू की लोडिंग सफलतापूर्वक की जा रही है। यह परिवहन व्यवस्था किफायती भी है, जिसमें दर एक रुपये प्रति किलोमीटर प्रति टन से कम बताई गई। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहां से 32 वैगनों की लोडिंग की जा चुकी है।
हालांकि, बैठक में शीतगृह संचालकों और व्यापारियों ने कुछ समस्याएं भी उठाईं। उनका कहना था कि लंबे समय तक वैगनों में आलू के परिवहन के दौरान खराब होने की आशंका रहती है। इसके लिए रेलवे वैगनों में बेहतर वेंटिलेशन व्यवस्था की जरूरत बताई गई।
आगरा कोल्ड स्टोरेज एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि आगरा का आलू उच्च गुणवत्ता का है और फिलहाल दक्षिण भारत में इसे सड़क मार्ग से भेजा जाता है। यदि रेलवे सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन सुविधा उपलब्ध कराए, तो रेल मार्ग से ढुलाई को बढ़ावा मिल सकता है।
जिला उद्यान अधिकारी ने सुझाव दिया कि यदि रेलवे सस्ती दर, सुरक्षित परिवहन और कम समय में डिलीवरी सुनिश्चित करे, तो इससे किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं तीनों को लाभ मिलेगा और सड़क परिवहन पर निर्भरता भी घटेगी।
बैठक में निर्यात को लेकर भी चर्चा हुई, जिसमें नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों में आलू भेजने पर मिलने वाली परिवहन अनुदान योजनाओं की जानकारी दी गई।
अंत में उप निदेशक उद्यान ने रेलवे अधिकारियों से व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार करने की अपेक्षा जताई और कहा कि यदि समुचित व्यवस्था की जाती है, तो आगरा मण्डल से रेल मार्ग द्वारा आलू ढुलाई को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी, मण्डी प्रतिनिधि, शीतगृह संचालक और प्रमुख आलू व्यापारी उपस्थित रहे।