दबंगों के उत्पीड़न से तंग आकर किसान ने खाया जहर, सदमे में परिवार
खसरा संख्या 430 की जमीन पर कब्जे को लेकर ननिहाल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप
आगरा:-एत्मादपुर (आगरा) तहसील एत्मादपुर के अंतर्गत एक व्यक्ति द्वारा दबंगों के मानसिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी से क्षुब्ध होकर जहरीले पदार्थ का सेवन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित को गंभीर हालत में आगरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी जान बाल-बाल बची। इस संबंध में पीड़ित की पुत्री ने उप जिलाधिकारी (SDM) एत्मादपुर को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।
श्याम विहार कॉलोनी नरायच निवासी कु. याशी ने बताया कि उनके पिता श्री कृष्णकांत ने वर्षों पहले अपने ससुर (प्रार्थिया के नाना) श्री चरण सिंह निवासी गुमान सिंह का बास बरहन को आर्थिक मदद दी थी। उधारी न चुका पाने के बदले में नाना ने अपनी सहमति और पंचायत के निर्णय के बाद खसरा संख्या 430 का एक हिस्सा (0.04013 हे.) कृष्णकांत के नाम बैनामा कर दिया था।
आरोप है कि जब प्रार्थिया के पिता ने अपनी इस जमीन पर कब्जा लेना चाहा तो उनके साले (ननिहाल पक्ष के लोग) हरि सिंह, राकेश सिंह, प्रताप सिंह और उनके पुत्रों ने विरोध शुरू कर दिया। आरोप के मुताबिक पिछले 3 वर्षों से ये लोग कृष्णकांत को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं। गाली-गलौज कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
दबंगों के निरंतर टॉर्चर और अभद्र धमकियों से मानसिक रूप से टूटकर कृष्णकांत ने बीती 14 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें आगरा के श्रीकृष्णा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। बेटी याशी का कहना है कि आरोपी पूर्व में जेल भी जा चुके हैं और अब वे पूरे परिवार को जान-माल की धमकी दे रहे हैं।
पुत्री ने बताया कि मेरे पिता के अलावा मेरा इस दुनिया में कोई नहीं है। हमें दबंगों से खतरा है और हम अपनी ही जमीन के लिए दर-दर भटक रहे हैं।