संविधान बचाओ यात्रा से गूंजा आगरा, सपा की साइकिल–मोटरसाइकिल रैली बनी जनआंदोलन
आगरा। भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर को समर्पित “संविधान बचाओ साइकिल–मोटरसाइकिल यात्रा” ने रविवार को आगरा में जनआंदोलन का रूप ले लिया। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में निकली इस विशाल रैली में हजारों कार्यकर्ता साइकिल और मोटरसाइकिल पर सवार होकर सड़कों पर उतरे। “बाबासाहेब अमर रहें” और “समाजवादी पार्टी जिंदाबाद” के गगनभेदी नारों से शहर गूंज उठा।
रैली का शुभारंभ प्रतापपुरा चौराहे से हुआ, जहां सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद रामजीलाल सुमन ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। आगे बढ़ते हुए कार्यकर्ताओं ने अमर शहीद अशफाक उल्ला खान को नमन करते हुए उनकी स्मृति में पुष्पांजलि अर्पित की।
यात्रा प्रतापपुरा, सदर बाजार और छीपीटोला चक्कीपाट होते हुए बिजलीघर स्थित बाबासाहेब की प्रतिमा तक पहुंची। पूरे मार्ग में आम जनता ने फूलों की वर्षा कर रैली का स्वागत किया, जिससे माहौल पूरी तरह उत्साह और समर्थन से भर गया।
बिजलीघर चौराहा पर महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास और जिला अध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाह ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया। नेताओं ने कहा कि पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता ही 2027 में सत्ता परिवर्तन की दिशा तय करेगी।
वक्ताओं ने अखिलेश यादव के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए कहा कि युवाओं और आम जनता का समर्थन लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संघर्ष सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि संविधान और अधिकारों की रक्षा की लड़ाई है, जिसे अंत तक लड़ा जाएगा।
रैली में पूर्व मंत्री दयाराम प्रजापति, पूर्व जिला अध्यक्ष राम सहाय यादव, राहुल चतुर्वेदी, श्याम भोजवानी, विनय अग्रवाल, कादिर कुरैशी, सचिन चतुर्वेदी, पुष्पेंद्र शर्मा, रवि मेहरा, मधुकर अरोड़ा, राहुल चौधरी, विजेंद्र प्रजापति, देवेंद्र राठौर, रामनरेश यादव, चौधरी फरहान, ठाकुर विजय, जमील खान, एड. नरेंद्र सिंह नंद, नीरज कांत, नीटू यादव, शैलू यादव, मुन्ना खान अल्वी, इमरान कुरैशी, जीशान अहमद, विजय यादव, प्रियंका चौहान, सुलेखा श्रीवास्तव, पूनम वाल्मीकि सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
समाजवादी पार्टी ने इस रैली के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ उठने वाली हर आवाज़ का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर अधिकारों पर आंच आई, तो कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक निर्णायक लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।