100 करोड़ की फर्जी जीएसटी बिलिंग का पर्दाफाश: आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य दबोचे - समाचार RIGHT

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शनिवार, 30 मई 2026

100 करोड़ की फर्जी जीएसटी बिलिंग का पर्दाफाश: आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य दबोचे

100 करोड़ की फर्जी जीएसटी बिलिंग का पर्दाफाश: आगरा पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्य दबोचे

आगरा। आगरा में फर्जी जीएसटी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के कथित बड़े घोटाले का खुलासा करते हुए लोहामंडी थाना पुलिस, साइबर सेल और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह बोगस फर्मों के माध्यम से करीब 100 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग कर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचा रहा था।

इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों—अमन डंग, सौरभ सिंह और राम अवतार शर्मा—को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि यह गिरोह लंबे समय से विभिन्न राज्यों में सक्रिय था और सुनियोजित तरीके से फर्जी कंपनियां बनाकर टैक्स चोरी का नेटवर्क संचालित कर रहा था।

कागजों में खड़ा किया जाता था करोड़ों का कारोबार

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के केवल दस्तावेजों के आधार पर कारोबार दर्शाते थे। फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर विभिन्न फर्मों को अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ पहुंचाया जाता था। इससे संबंधित कारोबारी टैक्स बचाने में सफल हो जाते थे, जबकि सरकारी राजस्व को नुकसान होता था।

पुलिस के मुताबिक, गिरोह नकली आधार कार्ड, पैन कार्ड, किरायानामा और अन्य कूटरचित दस्तावेजों के जरिए फर्जी फर्मों का पंजीकरण कराता था। बाद में इन फर्मों का उपयोग या हस्तांतरण अन्य राज्यों के कारोबारियों को किया जाता था, जिससे फर्जी बिलिंग का नेटवर्क लगातार संचालित रहे।

बुजुर्ग आरोपी की भूमिका ने चौंकाया

पुलिस के अनुसार, 68 वर्षीय राम अवतार शर्मा गिरोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया है कि वह फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और कागजी कंपनियों की स्थापना कराने में सक्रिय था। छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में दस्तावेज, मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य डिजिटल सामग्री बरामद की गई है।

साइबर विशेषज्ञ अब जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रहे हैं, जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संभावित लाभार्थियों की पहचान की जा सके।

कई राज्यों तक फैले नेटवर्क की आशंका

प्रारंभिक जांच में इस नेटवर्क के तार उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से जुड़े होने की संभावना सामने आई है। जांच एजेंसियां उन फर्मों और कारोबारियों की भी पड़ताल कर रही हैं, जिन्होंने कथित रूप से इन बोगस कंपनियों के माध्यम से आईटीसी का लाभ प्राप्त किया।

पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित आर्थिक अपराध गिरोह हो सकता है, जिसके नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद

लोहामंडी क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त गौरव सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में लगभग 100 करोड़ रुपये की फर्जी बिलिंग का मामला सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे प्राप्त जानकारी के आधार पर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां बैंक खातों, जीएसटी रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और डिजिटल ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

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