20 मई को देशभर में दवा विक्रेताओं की हड़ताल का ऐलान, आगरा में बंदी पर 14 मई को होगी अहम बैठक
आगरा:-All India Organisation of Chemists and Druggists (AIOCD) ने दवा व्यापार से जुड़ी समस्याओं और सरकार की कथित अनदेखी के विरोध में 20 मई 2026, बुधवार को राष्ट्रव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को ज्ञापन भेजकर कहा है कि लगातार मांग उठाने के बावजूद दवा व्यापार से जुड़े गंभीर मुद्दों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे देशभर के दवा विक्रेताओं में भारी नाराजगी है।
संगठन का आरोप है कि अवैध ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म नियमों की अनदेखी कर दवाओं की बिक्री कर रहे हैं। बिना भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन दवा बिक्री से एक ही प्रिस्क्रिप्शन का बार-बार इस्तेमाल किया जा रहा है। एआई आधारित फर्जी पर्चों के जरिए एंटीबायोटिक्स और नशीली दवाओं की उपलब्धता बढ़ने से ‘एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस’ जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का खतरा पैदा हो रहा है।
All India Organisation of Chemists and Druggists का कहना है कि बड़े कॉरपोरेट संस्थान भारी छूट देकर बाजार का संतुलन बिगाड़ रहे हैं। आवश्यक दवाओं पर सरकार द्वारा निर्धारित मार्जिन के बावजूद ‘डीप डिस्काउंट’ नीति अपनाकर छोटे केमिस्टों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दवाओं की उपलब्धता प्रभावित होने का खतरा बढ़ रहा है।
संगठन ने कोविड-19 के दौरान जारी 26 मार्च 2020 की आपातकालीन अधिसूचना को वापस लेने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह अधिसूचना अब औषधि नियम 65 के प्रावधानों को कमजोर कर रही है और डिजिटल प्लेटफॉर्म इसका फायदा उठा रहे हैं।
एआईओसीडी के अध्यक्ष J. S. Shinde और महासचिव Rajiv Singhal ने संयुक्त बयान में कहा कि यह केवल व्यापार का मुद्दा नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो संगठन अनिश्चितकालीन आंदोलन करने को मजबूर होगा।
इधर Agra Retail Chemist Association ने 14 मई को दिल्ली गेट स्थित कार्यालय पर बैठक बुलाई है। बैठक में 20 मई की प्रस्तावित बंदी को लेकर चर्चा की जाएगी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि मरीजों को परेशानी में डालना उचित नहीं होगा और दुकानें बंद करने के बजाय अन्य विकल्पों पर विचार किया जाएगा। बैठक में नेस्ले कंपनी की रिटेलरों के प्रति कथित दोगली नीति समेत कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा होगी।