“2027 की तैयारी: OBC कार्ड खेलकर आज़ाद समाज पार्टी का बड़ा दांव, डॉ. बघेल को मिली कमान”
आगरा — उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज करते हुए आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। पार्टी ने डॉ. रविंद्र सिंह बघेल को प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त कर साफ संकेत दे दिया है कि वह अब आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह एक्टिव मोड में आ चुकी है।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील कुमार चित्तौड़ के इस फैसले को रणनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह नियुक्ति सिर्फ संगठन विस्तार नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी कवायद का हिस्सा है।
डॉ. बघेल को खास तौर पर पाल, बघेल और धनगर (OBC) समाज को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इन वर्गों का प्रभाव काफी मजबूत है, ऐसे में पार्टी इस दांव के जरिए अपने जनाधार को तेजी से बढ़ाने की कोशिश में है।
बताया जा रहा है कि आगरा की एत्मादपुर विधानसभा और आसपास के क्षेत्रों में डॉ. बघेल की अच्छी पकड़ है, जिसका फायदा पार्टी को आने वाले समय में मिल सकता है। हाल ही में पार्टी द्वारा जिलों में बढ़ती सक्रियता, संगठन विस्तार और लगातार कार्यक्रमों का आयोजन भी इसी दिशा की ओर इशारा करता है।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय दर्शाता है कि पार्टी अब दलित-मुस्लिम समीकरण के साथ OBC वर्ग में भी मजबूत पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
अपनी नियुक्ति पर डॉ. रविंद्र सिंह बघेल ने कहा कि वे समाज के सभी वर्गों को जोड़कर संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर पार्टी यह सामाजिक संतुलन साधने में सफल रहती है, तो 2027 के चुनाव में इसका असर साफ तौर पर दिखाई दे सकता है।