स्मार्ट मीटर और टोरेंट पावर के खिलाफ सपा का एलान-ए-जंग, 4 मई से बड़े आंदोलन की चेतावनी
आगरा। स्मार्ट मीटर और निजी बिजली व्यवस्था को लेकर आगरा में सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोलते हुए इसे आम जनता के शोषण का माध्यम बताया है और 3 मई तक मांगें पूरी न होने पर 4 मई से बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने प्रेस वार्ता में कहा कि स्मार्ट मीटर और टोरेंट पावर की व्यवस्था जनता को सुविधा देने के बजाय आर्थिक बोझ बढ़ा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिचार्ज के बावजूद समय पर बिजली नहीं मिलती, बिना सूचना कनेक्शन काट दिए जाते हैं और बिलिंग सिस्टम पूरी तरह अपारदर्शी है।
उन्होंने कहा कि कम यूनिट खपत के बावजूद फिक्स चार्ज ज्यादा वसूला जा रहा है और गलत रीडिंग के चलते उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है। बिजली कटने पर अलग से शुल्क लेना गरीब और मध्यम वर्ग पर दोहरी मार है।
गरीबों पर सबसे ज्यादा असर
सपा नेता ने सवाल उठाया कि मजदूर, किसान और छोटे दुकानदार हर समय प्रीपेड बैलेंस बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में यह व्यवस्था गरीबों को और हाशिए पर धकेल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले अतिरिक्त वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जिससे पूरी प्रणाली की खामियां उजागर होती हैं।
सपा की प्रमुख मांगें
सपा ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, लगे मीटर हटाने का विकल्प, प्रीपेड व्यवस्था समाप्त करना, कम से कम तीन महीने बाद ही कनेक्शन काटना, गलत बिलिंग की तत्काल जांच और फिक्स चार्ज को पारदर्शी बनाना शामिल है।
4 मई से आंदोलन का ऐलान
शब्बीर अब्बास ने चेतावनी दी कि यदि 3 मई तक मांगें नहीं मानी गईं तो 4 मई से आगरा में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इसमें रैली, पैदल मार्च, धरना, घेराव और जरूरत पड़ने पर अनशन जैसे लोकतांत्रिक तरीके अपनाए जाएंगे।
इस दौरान सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष वाजिद निसार सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।