शोरूम का ताला लगने से पहले बेसमेंट में छुपा पूर्व कर्मचारी: रात में उड़ाए ₹5.50 लाख, पुलिस ने दबोचा - समाचार RIGHT

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शनिवार, 23 मई 2026

शोरूम का ताला लगने से पहले बेसमेंट में छुपा पूर्व कर्मचारी: रात में उड़ाए ₹5.50 लाख, पुलिस ने दबोचा

शोरूम का ताला लगने से पहले बेसमेंट में छुपा पूर्व कर्मचारी: रात में उड़ाए ₹5.50 लाख, पुलिस ने दबोचा

थाना सिकंदरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: आरोपी सोनू गिरफ्तार, चोरी के ₹1.75 लाख नगद, मोबाइल और चांदी के जेवर बरामद

दोस्तों से मिलने का बहाना बनाकर शोरूम में घुसा था आरोपी, शराब और मौज-मस्ती में उड़ा दिए बाकी पैसे

जनपद आगरा:- थाना सिकंदरा पुलिस टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम के गल्ले से लाखों रुपये साफ करने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पकड़ा गया आरोपी शोरूम का ही एक पूर्व कर्मचारी है, जिसने बेहद शातिराना अंदाज में इस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी के 1,75,400 रुपए नगद एक मोबाइल फोन,एक सफेद धातु (चांदी) की चैन और एक जोड़ी पायल बरामद की है।

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी सोनू पुत्र मथुरा प्रसाद निवासी इटावा, हाल निवासी बोदला, आगरा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया। सोनू ने बताया कि वह पहले आर.के. मार्केटिंग इलेक्ट्रॉनिक्स शोरूम में काम करता था। 17 मई 2026 की शाम को वह अपने बचे हुए रुपये लेने के बहाने शोरूम पर आया था। वहां उसने अपने दोस्तों से मिलने का नाटक किया और नजर बचाकर शोरूम के बेसमेंट में जाकर छिप गया।

रात को जब मैनेजर शोरूम का ताला बंद करके चले गए, तो सोनू बेसमेंट से बाहर निकला और गल्ले में रखी बिक्री की नगदी करीब 5.50 लाख रुपये समेट कर रफूचक्कर हो गया।

आरोपी ने कबूला कि चोरी किए गए रुपयों में से उसने तुरंत एक नया मोबाइल फोन, चांदी की चैन और पायल खरीद ली। इसके बाद बचे हुए रुपयों का एक बड़ा हिस्सा उसने शराब पीने और अपने शौक-मौज पूरे करने में उड़ा दिया। वह बाकी बचे कैश और खरीदे गए जेवरों को समेटकर अपने गांव भागने की फिराक में था, तभी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

थाना सिकंदरा के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए शुक्रवार 22 मई को मुखबिर की सटीक सूचना पर आरोपी सोनू को भावना क्लार्क होटल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता BNS की धारा 331(4)/305(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।

इस सफलता में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी, एसआई रोहित कुमार ढिंगिया, एसआई राहुल कुमार, एसआई सुनील कुमार, एसआई मोहित, हेड कांस्टेबल देवेश, कांस्टेबल उपेन्द्र सिंह पाल और महिला कांस्टेबल इकराम खान की मुख्य भूमिका रही।

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