राष्ट्रीय चम्बल सैंक्चुरी में यांत्रिकृत अवैध बालू खनन के साक्ष्य नहीं : उप वन संरक्षक
चम्बल सैंक्चुरी में अवैध बालू खनन की खबरें भ्रामक, सतत निगरानी जारी
राष्ट्रीय चम्बल सैंक्चुरी क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रशासन की कड़ी नजर
चम्बल सैंक्चुरी में कोई खनन पट्टा स्वीकृत नहीं, अफवाहों से बचें : चांदनी सिंह
ड्रोन, बोट पेट्रोलिंग और संयुक्त गश्त से चम्बल क्षेत्र की निगरानी तेज
आगरा:-उप वन संरक्षक श्रीमती चांदनी सिंह ने अवगत कराया है कि विगत कई दिनों से प्रायः यह देखा जा रहा है कि मा० उच्चतम न्यायालय में योजित SUO MOTO WRIT PETITION (CIVIL) NO 2 OF 2026 TITLED AS 'IN RE: ILLEGAL SAND MINING IN THE NATIONAL CHAMBAL SANCTUARY AND THREAT TO ENDANGERED AQUATIC WILDLIFE के संदर्भ में विभिन्न माध्यमों द्वारा राष्ट्रीय चम्बल सैंक्चुरी, उ०प्र० अन्तर्गत अवैध चम्बल बालू के खनन के सम्बंध में भ्रामक खबरें फैलायी जा रही हैं। इसके सम्बन्ध में स्पष्ट करना है कि जनपद आगरा में राष्ट्रीय चम्बल वन्य जीव विहार, उत्तर प्रदेश की सैंक्चुरी सीमा अंतर्गत कोई भी संगठित यांत्रिकृत खनन नहीं है। यहाँ कभी-कभार स्थानीय लोगों द्वारा ऊँटों/ ट्रैक्टर के माध्यम से स्थानीय / निजी प्रयोग हेतु बालू उठाव किया जाता है, जिसमें मुख्यतः ऊँट द्वारा बालू उठाने के केस होते है, और इन पर लगातार नियमानुसार कार्यवाही की गई है। जनपद आगरा के सीमान्तर्गत क्षेत्र मे अवैध बालू खनन / परिवहन की रोकथाम के लिए जनपद स्तरीय खनन टास्क फोर्स का गठन किया गया है जिसके द्वारा जनपद अन्तर्गत सतत् निगरानी रखी जा रही है तथा इस सम्बन्ध में समन्वय एवं विचार-विमर्श हेतु नियमित बैठकें आयोजित की जाती हैं। राष्ट्रीय चम्बल सैक्चुरी, उ०प्र० क्षेत्र में अवैध बालू खनन / परिवहन के प्रभावी रोकथाम हेतु संयुक्त गश्त, बोट पैट्रोलिंग, वाच टॉवर व मॉनीटरिंग स्टेशन से ड्रोन एवं बाइनोक्युलर के द्वारा सैंक्चुरी क्षेत्र की सतत् निगरानी रखी जा रही है। उ०प्र० राज्य अन्तर्गत चम्बल नदी क्षेत्र का मा० सी०ई०सी० के सदस्य द्वारा दिनांक 01.05.2026 को निरीक्षण किया गया तथा उ०प्र० सीमान्तर्गत चम्बल नदी क्षेत्र में कोई भी साक्ष्य नहीं पाया गया।
यहाँ पुनः स्पष्ट करना है कि जनपद आगरा अन्तर्गत राष्ट्रीय चम्बल सैंक्चुरी, उ०प्र० की सीमान्तर्गत किसी भी प्रकार की यांत्रिकृत अवैध बालू खनन के साक्ष्य नहीं पाये गये और न ही बालू खनन का पट्टा स्वीकृत है।
उन्होंने सभी से आग्रह किया है कि राष्ट्रीय चम्बल सैंक्चुरी, उ०प्र० से अवैध बालू खनन संबंधित भ्रामक खबरों का शिकार न हो और न ही विचलित होने की आवश्यकता है।