“मां… जो हर दर्द की दवा और हर हार की हिम्मत होती है”
"दवा जब असर न करे तो वो नजर उतारती है,
वो मां है जनाब... हार कहां मानती है।"
आगरा। मातृ दिवस के अवसर पर शहरभर में भावनाओं और प्रेम का अनोखा संगम देखने को मिला। बाबा झम्मन लाल इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी माताओं के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करते हुए माहौल को भावुक बना दिया। हर साल मई के दूसरे रविवार को मनाया जाने वाला मदर्स डे इस बार भी प्यार, अपनापन और मां के त्याग को समर्पित रहा।
विद्यालय में बच्चों ने भाषण, कविता और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से मां की ममता, संघर्ष और बलिदान को याद किया। छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी मां के लिए हाथों से बने कार्ड और उपहार तैयार किए, जिन्हें देखकर कई माताओं की आंखें नम हो गईं।
वहीं शहर के गिफ्ट शॉप्स और फूलों की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ देखने को मिली। बच्चों और युवाओं ने अपनी मां को खास महसूस कराने के लिए फूल, चॉकलेट, ग्रीटिंग कार्ड और उपहार खरीदे। सोशल मीडिया पर भी मदर्स डे पूरे दिन ट्रेंड करता रहा। लोगों ने अपनी मां के साथ तस्वीरें साझा कर भावुक संदेश लिखे और मां के प्रति अपने प्रेम को व्यक्त किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी शक्ति होती है। मां हर परिस्थिति में अपने बच्चों के लिए ढाल बनकर खड़ी रहती है और बिना किसी स्वार्थ के उनका जीवन संवारती है।
मातृ दिवस के इस खास मौके पर पूरा माहौल मां की ममता और सम्मान के रंग में रंगा नजर आया।