सपा कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर खत्म करने के आदेश, प्रतिनिधिमंडल की पैरवी रंग लाई
आगरा में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज एफआईआर को लेकर चल रहे विवाद के बीच आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। रिंग रोड स्थित रहनकलां टोल प्लाज़ा पर प्रदर्शन के दौरान दर्ज की गई एफआईआर को समाप्त करने के निर्देश पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी किए गए हैं। इसे समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र और जनआवाज की जीत बताया है।
बताया गया कि सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई की गई थी, जिसे पार्टी ने शुरू से ही राजनीति से प्रेरित और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। इसी मामले को लेकर वरिष्ठ समाजवादी नेता Rahul Chaturvedi के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर Deepak Kumar से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण थी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष निर्णय लेते हुए संबंधित एफआईआर को समाप्त करने के निर्देश जारी किए।
सपा नेताओं ने कहा कि शुरुआती कार्रवाई जल्दबाजी और दबाव में की गई थी, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं की एकजुटता और संघर्ष की जीत बताया।
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में मधुकर अरोड़ा, सचिन चतुर्वेदी, राहुल चौधरी, जमील खान, समीर अब्बास, नरेंद्र सिंह नंद, राजीव सविता, मोनिका नाज खान, मुजाहिद कुरैशी, गुड्डी भारती, भारत सिंह, ऊदल सिंह जाटव, तेजू यादव, एहतराम जाफरी, नदीम, हसीन और फैजान समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।