इनर रिंग रोड जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना, चार गुना मुआवजे की मांग तेज - समाचार RIGHT

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रविवार, 17 मई 2026

इनर रिंग रोड जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना, चार गुना मुआवजे की मांग तेज

इनर रिंग रोड जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों का मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना, चार गुना मुआवजे की मांग तेज

आगरा में इनर रिंग रोड लैंड पार्सल तृतीय फेस की जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के विरोध में मंगलवार को किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नेता श्याम सिंह चाहर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे से 12:20 बजे तक चले इस प्रदर्शन से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।

धरने पर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि करीब 16 वर्ष पूर्व उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई थी, लेकिन आज तक न तो उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ मिला और न ही उचित मुआवजा दिया गया। किसानों ने स्पष्ट कहा कि या तो वर्तमान बाजार दर के अनुसार चार गुना मुआवजा दिया जाए या फिर उनकी जमीन वापस की जाए।

प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मंडलायुक्त नागेंद्र प्रताप ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एडीए वीसी, एसएलओ तथा एसडीएम सदर कार्यालय के अधिकारियों को तत्काल तलब कर लिया। किसानों का ज्ञापन लेने के बाद अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई। हालांकि सभी संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे, इसलिए 19 मई 2026 को सुबह 11 बजे किसानों के साथ विस्तृत बैठक तय की गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में जमीन वापसी या चार गुना मुआवजे को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है।

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन प्रशासन को हर हाल में करना होगा। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2024 को सर्किट हाउस में हुई बैठक में यह स्पष्ट कहा गया था कि पहले चरण के किसानों को वर्तमान दर से चार गुना मुआवजा दिया गया है। ऐसे में तृतीय फेस के किसानों को इस लाभ से वंचित रखना सीधा भेदभाव और अन्याय है।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरने में रोहता, इटौरा, जाखोड़ा, पंचगाई, देवरी समेत कई गांवों के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए।

किसान प्रतिनिधि डॉ. महावीर सिंह चाहर ने भी एडीए पर किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ बड़ा जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।

धरने में रविंद्र सिंह बंटू बघेल, कुलदीप सिंह, सोमवीर, धर्मेंद्र सिंह, संजीव सेठ, चेतन स्वरूप रावत, सलीम खान, महेश कुमार, निरितम सिंह, सत्यवीर पाठक, सीपी पाठक, गुड्डू, अशोक कुमार, गोपाल सिंह, पदम कुमार, जयप्रकाश, जगदीश, वेदों पंडित, धर्मवीर, रहेशाम, चित्र सिंह, नागेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, रविंद्र सिंह किरशगोपाल, हरेंद्र कुमार, श्रीभगवान शर्मा, विष्णु सिंह, हरिप्रसाद, भगवान सिंह, श्यामसुंदर, पप्पू सिंह, विजय रावत, हरेंद्र तोमर, सत्य नारायण, सोनू समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

फिलहाल किसानों ने 19 मई की बैठक तक आंदोलन स्थगित कर दिया है, लेकिन साफ कर दिया है कि यदि बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो मंडल स्तर पर बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। किसानों का कहना है कि 16 वर्षों से अधिग्रहण की मार झेल रहे परिवार अब और इंतजार करने के मूड में नहीं हैं।

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