“कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे” — प्रो. डॉ. बंसीधर ने रखी मानव सेवा और शिक्षण संस्थान की नींव
मुढ़ी जहांगीरपुर में शुरू हुई शिक्षा और सेवा की नई अलख, गरीब और यतीम बच्चों को मिलेगी निशुल्क शिक्षा
आगरा। आज के दौर में जहां लोग अपने सपनों और सुविधाओं तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं खंदौली क्षेत्र के मुढ़ी जहांगीरपुर में एक ऐसी प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जिसने समाज को नई दिशा देने का काम किया है। प्रो. डॉ. बंसीधर के अथक प्रयासों से“श्री स्वामी निजानंद जी महाराज मानव सेवा एवं शिक्षण संस्थान व शोध संस्थान” की नींव रखी गई, जिसमें रविवार को पहला पिलर स्थापित किया गया।
यह संस्थान केवल एक इमारत नहीं, बल्कि उन गरीब, लाचार और यतीम बच्चों के सपनों का घर बनेगा, जो आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से दूर रह जाते हैं। यहां जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा, मार्गदर्शन और बेहतर भविष्य देने का संकल्प लिया गया है।
प्रो. डॉ. बंसीधर वर्तमान में वांसवाड़ा में प्रोफेसर हैं, लेकिन उनकी सादगी इतनी सहज है कि कोई भी उनके व्यक्तित्व को देखकर यह अनुमान नहीं लगा सकता कि वे एक उच्च शिक्षित प्रोफेसर और समाजसेवी हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और मानव सेवा को समर्पित कर दिया। विवाह न करते हुए उन्होंने हजारों बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी, जिनमें से अनेक छात्र आज इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षक और विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर कार्यरत हैं।
डॉ. बंसीधर का केवल एक ही सपना है — “कोई भी बच्चा बिना पढ़े न रह जाए।”इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने इस शिक्षण संस्थान की शुरुआत की है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को भी शिक्षा का अधिकार और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
संस्थान की नींव रखे जाने के अवसर पर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समाज के हर वर्ग से अपील की गई है कि इस नेक कार्य में आगे आकर अपना सहयोग दें, ताकि शिक्षा की यह ज्योति अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों के जीवन को रोशन कर सके।