एत्मादपुर में 30 जून को होगा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर प्रतिमा स्थापना समारोह, सीएम योगी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के आने की सहमति
आगरा। एत्मादपुर में आगामी 30 जून को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की भव्य प्रतिमा स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम के संयोजक एवं आगरा के सांसद तथा केंद्रीय मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है।
लखनऊ में हुई मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा भेंट कर समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच आगरा के विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बताया जा रहा है कि इस बार का कार्यक्रम पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक भव्य होगा। केंद्रीय मंत्री प्रो. बघेल स्वयं गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और समारोह को सफल बनाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 1 जून को आगरा के जीआईसी मैदान में मातेश्वरी अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें तत्कालीन उपराष्ट्रपति Jagdeep Dhankhar और Yogi Adityanath शामिल हुए थे। उस कार्यक्रम में पाल, बघेल और धनगर समाज के लगभग 50 हजार लोगों की भागीदारी रही थी, जिसे समाज के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना गया था।
इस बार एत्मादपुर में आयोजित होने वाला प्रतिमा स्थापना समारोह भी राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath और लोकसभा अध्यक्ष Om Birla की संभावित मौजूदगी इसे और अधिक चर्चित बना रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह आयोजन केवल सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री Prof. S. P. Singh Baghel की क्षेत्रीय राजनीतिक पकड़ और जनाधार का भी बड़ा प्रदर्शन होगा। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना जताई जा रही है।
एत्मादपुर में होने वाला यह समारोह एक बार फिर आगरा की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बनने जा रहा है, जहां लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के योगदान को श्रद्धांजलि देने के साथ-साथ सामाजिक एकता और जनसंपर्क का बड़ा संदेश भी दिया जाएगा।